
0 पीड़ित महिला ने कलेक्टर के समक्ष लगाई ट्रांसफर कैंसल करने गुहार कहा छोटे बच्चे है
0 अफसरों और कर्मचारियों पर लग रहे आरोप, कह रहे लोग ये कैसे हो गए इतने बेखौफ

संदेहास्पद सूची में 10 के बाद रिक्त स्थान फिर अलग से मनीषा का नाम
बिलासपुर ,,, प्रभारी मंत्री के ट्रांसफर सूची के अनुमोदन पर बड़े खेल का मामला सामने आया है! बताया जा रहा कि ट्रांसफर अनुमोदन सूची में 10 लोगों का नाम था, जिसमें 11 वा नाम जोड़ कर पूरा खेल करने की बात सामने आ रही है! उससे भी चौंकाने वाली बात यह है! कि आकस्मिक निधि की पशु चिकित्सा विभाग की जिस महिला कर्मी को उसके गांव से लगभग 40-50 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया गया है उसने आवेदन ही नहीं किया, और तो और वह नियमित तक नही है, वहीं दूसरा मामला राजस्व विभाग का है!

आदेश में लिखा आपसी, चतुर्थ श्रेणी कर्मी हितेश ने जताई आपत्ति
प्रदेश में स्थानांतरण पर लगे बेन के खुलने के बाद जिले के विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ शासकीय अफसर और कर्मचारियों ने अपनी ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए जिले और संभाग के सक्षम अफसरों और मंत्रियों के सक्षम आवेदन प्रस्तुत किया! जिला प्रशासन ने आवेदनों की स्कूटनी के बाद 10 कर्मचारियों के स्थानांतरण हेतु अनुमोदन के लिए प्रभारी मंत्री के सक्षम नोटशीट प्रस्तुत किया। आरोप है कि अनुमोदन के खेल में बड़ा गड़बड़ झाला किया गया है! CDDNA के सक्षम 2 ऐसे मामले सामने आए है! जिनको लेकर जिला प्रशासन के वित्त और स्थापना विभाग के हेड जमुना प्रसाद से चर्चा की तो उन्होंने यह कह कर हाथ खड़ा कर दिया कि स्थापना शाखा के प्रभारी व नजूल अधिकारी एस एस दुबे से पूछिए !
ये है आरोप
बिल्हा ब्लॉक के ग्राम मोहतरा के पशु चिकित्सा विभाग की परिचारक मनीषा सिंह पति अजय कुमार सिंह का तबादला तखतपुर ब्लॉक के सिंघनपुरी में कर दिया गया! इसमें 2 बड़ा फॉल्ट है! एक तो परिचारक मनीषा सिंह आकस्मिक निधि में है यानि नियमित ही नहीं है! और दूसरा उन्होंने अपने स्थानांतरण के लिए आवेदन ही नहीं किया है! उनका नाम अनुमोदित स्थानांतरण सूची 10 के बाद 11 वे नंबर पर अलग से अंकित है!

केस-2
दूसरा मामला कोटा तहसील में पदस्थ हितेश कुमार पिता स्वर्गीय रामफल साहू के म्यूचुअल ट्रांसफर का है, उसे कोटा तहसील से बिलासपुर तहसील स्थानांतरित कर दिया गया! हितेश का आरोप है कि उसने ट्रांसफर के लिए न कोई आवेदन दिया है और न ही म्युचुअल ट्रांसफर के लिए सहमति दी है। बिलासपुर तहसील का एक कर्मचारी उनके पास म्यूचवल ट्रांसफर की सहमति के लिए आया जरूर था पर उन्होंने मना कर दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि कलेक्ट्रेट से 10 कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए भेजे गए अनुमोदन सूची में आखिर 11 वा नाम मनीषा सिंह का जुड़ कैसे गया! और जब हितेश ने म्यूचवल ट्रांसफर के लिए आपसी सहमति ही नहीं दी तो ट्रांसफर लिस्ट में उसका नाम कैसे आ गया और कैसे उसका ट्रांसफर कोटा से बिलासपुर तहसील कर दिया गया!
