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जिला मुख्यालय का सुपर प्रभारी मंत्री कौन, वन टू का फोर नही कर दिया 10 का 11, मामला ओरिजनल प्रभारी मंत्री के अनुमोदित ट्रांसफर सूची में पुछल्ला जोड़ने का

बिलासपुर सच मे सरकारी अफसर और कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ में फूल सुशासन है। तमाम घटनाओं के बीच अब न्यायधानी के जिला मुख्यालय से सुपर मिनिस्टर इंचार्च (सुपर प्रभारी मंत्री) द्वारा ओरिजनल प्रभारी मंत्री के 10 कर्मचारियों की अनुमोदित सूची को 11 करने का मामला सामने आया है, दूसरा ब्लंडर ये है कि पशु चिकित्सा विभाग की जिस महिला को वहां से हटाने का खेल खेला गया है, वह नियमित ही नही है।

पर वह बेहद परेशान है वे अपने- छोटे- छोटे बच्चे का हवाला दे ट्रांसफर कैंसल कराने मंत्री और अफसरों के चौखट पर गुहार लगा पूछ रही है कि उसने तो कोई आवेदन ही नही दिया फिर कैसे उसका तबादला 40-50 किलोमीटर दूर तखतपुर सिंघनपुरी कर दिया गया।
इतना ही नही एक और मामला कोटा तहसील कार्यालय का है, यहाँ के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उसके गृह ग्राम कोटा से आपसी समन्वय बता बिलासपुर तहसील में स्थानांतरित कर दिया गया इस सूची में उसका भी नाम है, उसका कहना है कि उसने म्युचुअल ट्रांसफार्मर के लिए न तो कोई आवेदन दिया है, न किसी कागजात पर दस्तखत किया तो फिर उसका ट्रांसफर हो कैसे गया। अब ये तो वो सुपर प्रभाक़री मंत्री ही बता पाएंगे जिन्होंने ये खेल खेला है, आखिर कौन है वो जिसने सुपर प्रभारी मंत्री बनकर 10 का 11 कर दिया।

एस एस दुबे, नजूल अधिकारी एवं प्रभारी स्थापना शाखा जिला प्रशासन बिलासपुर

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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