
बिलासपुर। विधानसभा में कोटा छेरकाबांधा के वेलकम डिसलरी का मामला छाया रहा। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रश्न काल के दौरान प्रश्न के माध्यम से छत्तीसगढ़ के वन मंत्री से जानना चाहा कि क्या बिलासपुर के ग्राम छेरकाबांधा में स्थित वेलकम डिसलरी द्वारा बिना अनुमति एवं अनुबंध के भूजल का दोहन किया जा रहा है अगर हॉ तो शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई। यही भी पुछा कि जून 2025 तक डिसलरी पर विभाग की कितनी जलकर राशि का भुगतान बांकी है। जलकर का भुगतान न करने पर विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की और इसकी वसूली कैसे की जायेगी।


वनमंत्री केदार कश्यप ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि यह सही है कि छेरकाबांधा डिसलरी में बिना अनुमति एवं अनुबंध के भूजल का दोहन किया जा रहा है। संस्थान को आगामी 5 जनवरी 2027 तक केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण नई दिल्ली से भूजल दोहन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त है। बिना अनुमति एवं अनुबंध के जल आहरण करने पर शासन द्वारा निर्धारित दर के तीन गुना राशि देयक के भुगतान के लिए संस्थान को विभाग द्वारा प्रति माह बिल प्रेषित किया जा रहा है। माह जून 2025 तक वेलकम डिसलरी द्वारा जल संसाधन विभाग को जलकर कि राशि 899961338.00 का भुगतान किया जाना शेष है। संस्थान द्वारा अब तक कोई भी राशि का भुगतान नहीं किया गया है, यह राशि 1998 से आज दिनांक तक का है। संस्थान द्वारा जलकर जमा नहीं करने पर पिछले माह 20 जून को जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ने तहसीलदार रतनपुर को वसुली हेतु नियमानुसार कार्यवाही के लिए नोटशीट भेजा है। इसकी सूचना कलेक्टर बिलासपुर को भी दी गई है। प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस विधायक दल ने खाद बीज के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए सदन का बहिष्कार किया और परिसर में बापू के प्रतिमा के सामने धरना देकर नारे बाजी की। बिलासपुर जिले के विधायक अटल श्रीवास्तव कोटा, दिलीप लहरिया मस्तुरी शामिल रहे। दोनों विधायकों ने परिसर में पौधरोपण भी किया।



