ब्रेकिंग

मैदान में भारी भरकम खतरनाक जाल-जंजाल, किताबें अब तक नही बाटी गई, सम्भागीय मुख्यालय में सरकारी स्कूलों का ये हाल,

0 अफसरों को कुर्सी का टेंसन, बदल रहे पर व्यवस्था नही बदली

0तेज तर्रार और पारंगत अफसरों की दरकार

बिलासपुर,,,, शिक्षा महकमे ने सरकारी शिक्षन संस्थानों को सर्कस बना दिया है! किताबें आ गई है, पर बाटी इसलिए नहीं जा रही है क्योकि वो स्कैन नहीं हो रही है! जून खत्म हो गया! जुलाई खत्म होने को है! पढ़ाई तो दूर बच्चों ने किताबों का मुंह तक नहीं देखा! परिसर इस कदर खतरों से भरा है, कि ठेकेदार ने स्कूल परिसर में लोहे का भारी भरकम जालजंजाल रख दिया न तो ठेकेदार को मतलब न स्कूल प्रशासन को और न ही निरीक्षण का दंभ भरने वाले अफसरों को …

CGDNA की टीम ने शुक्रवार शनिवार को सिंधी कालोनी शा: पूर्व माध्यमिक स्कूल का जायजा लिया, जहां ठेकेदार ने ऊपरी मंजिल पर लगाने के लिए बनवाए गए भारी भरकम लोहे की ग्रिल को बीच मैदान में रखा दिया है! जिससे बच्चों को कूद फांद कर आना जाना पड़ रहा है! कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है! पर किसी को कोई मतलब ही नहीं है!

दूसरी तस्वीर राजेंद्र नगर के गजानंद शासकीय स्कूल का है! यहां टेबल पर रखी शासकीय किताबें सरकार के सिस्टम को मुंह चिढ़ा रही

पर स्कूल के विद्यार्थियों ने आज तक इन पुस्तकों का मुंह नहीं देखा, लफड़ा स्कैनिक का है! किताबें है! पर सिस्टम सड़ेला है! काम ही नहीं कर रहा, इसलिए बच्चों को आज तक किताबें ही नहीं बाटी गई! फिर डेढ़ माह से बच्चे पढ़ क्या रहे है, जब ये हाल संभागीय और जिला मुख्यालय से महज चंद कदम की दूरी वाले सरकारी स्कूलों का अब तो आप ही बताइए आम जन कैसे सरकारी सिस्टम के दावे और ऐसी शिक्षा पर विश्वास करे! एक नहीं ऐसे कई उदाहरण है! तारबहार घोड़ा दाना स्कूल में जहां संभागीय शिक्षा का मुख्यालय है! वहीं बड़ा गड़बड़ घोटाला हो गया, सरकार ने संभागीय शिक्षा कार्यालय परिसर के सामने के ठीक सामने नया स्कूल भवन बनाने जमीन और फंड दिया , पर आधुनिक जमाने के इंजीनियरों और ठेकेदार प्रसाधन और बाउंड्रीवाल का फार्मूला ही भूल गए, यही वजह है! कि लाखों की लागत से बना नवनिर्मित स्कूल भवन खंडहर में तब्दील होने को है! पूरा परिसर आजाद लोक के तब्दील है! टेंट वाले ने कब्जा कर रखा है! नशेड़ी युवा सुबह से लेकर रात तक आर्ट ऑफ लिविंग का पाठ पढ़ रहे है!

Author Profile

शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
Latest entries