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पुलिसवाले के घर से भागीं मासूमें, मारपीट-शोषण के आरोप, रेस्क्यू के बाद मानव तस्करी की जांच में जुटी पुलिस…

बिलासपुर.. न्यायधानी बिलासपुर से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक पुलिसकर्मी के घर में काम करने वाली दो नाबालिग बच्चियों ने मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों बच्चियों को रेस्क्यू कर चाइल्डलाइन को सौंप दिया है। मामले में मानव तस्करी की संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल दुकान के पास रोती मिलीं दोनों मासूमे


घटना तोरवा थाना क्षेत्र के लालखदान इलाके की है,। सोमवार को स्थानीय नागरिकों ने दो बच्चियों को एक मोबाइल दुकान के पास बिलखते हुए देखा। सूचना पुलिस को दी गई,। टीम मौके पर पहुँची और दोनों बच्चियों को थाने लाकर पूछताछ की। बच्चियों ने बताया कि जशपुर की निवासी हैं उन्हें घरेलू काम कराने के बहाने बिलासपुर लाया गया था।

पुलिसकर्मी पर लगाए गंभीर आरोप


बच्चियों ने बताया कि पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मी अरुण लकड़ा के घर में काम कर रही थीं,। उन्हें लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी। उनके मुंहबोले रिश्तेदार उन्हें यहाँ छोड़ गए थे। जो पैसा मिलना था वह भी वही ले जाते थे। प्रताड़ना से तंग आकर मौका पाकर घर से भाग निकलीं।

पुलिसकर्मी का बचाव, कहा- पढ़ाई के लिए लाया


पुलिसकर्मी अरुण लकड़ा ने आरोपों से साफ इनकार किया है। बताया कि बच्चियों को उनके माता-पिता की सहमति से लाया गया थाl ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा दी जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें किसी तरह की यातना नहीं दी गई।


जांच जारी, मानव तस्करी का एंगल भी शामिल


तोरवा पुलिस ने बच्चियों को बाल संरक्षण संस्था चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों के वास्तविक परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं मामला बाल श्रम या मानव तस्करी से तो जुड़ा नहीं है।

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Santosh Shriwas
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