
बिलासपुर। हैरान करने वाली खबर ये है कि अब बच्चों में भी बुजुर्गों को होने वाली मोतियाबिंद हो रहा, और सुखद यह है कि सिम्स में इसका निःशुल्क ऑपरेशन और इलाज हो रहा है। मेडिकल कालेज के नेत्ररोग विभाग की डॉ सुचिता सिंह और डॉ डी प्रभा सोनवानी अब तक मोतियाबिंद से पीड़ित लगभग 100 बच्चों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर चुके। इन डॉक्टरो ने हाल ही में मुंगेली जिले की 10 वर्षीय बालिका जो जन्मजात दोनों आँखों में मोतियाबिंद से पीड़ित है उसके एक आंख का ऑपरेशन किया, अब बच्ची देख पा रही है।


(congenital cataract) मोतियाबिंद से ग्रसित बच्ची के आँखों की रोशनी जन्म से ही कमजोर थी। अंधत्व निवारण एवं चिरायु योजना के तहत चिन्हांकित करके मुंगेली से सिम्स में उपचार के लिए लाया गया। जहां डॉ प्रभा सोनवानी द्वारा जांच किया गया तथा उन्हें दोनों आँखों में मोतियाबिंद पाया गया जिसमें अभी दाहिनी आँख का ऑपरेशन करके कृत्रिम लेंस लगाया गया है जिससे बालिका की नजर में पूर्ण सुधार आ गया है। यह ऑपरेशन नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सुचिता सिंह, अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मुर्ति एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के मार्गदर्शन में किया गया है और सफल ऑपरेशन के बाद नेत्र रोग विभाग एवं टीम का हौसला बढ़ाया है। सिम्स के अधीक्षक डॉ लखन सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद की बीमारी सिर्फ बुर्जुगों में ही नहीं बल्कि जन्मजात तथा बढ़ते बच्चों में भी पाई जा रही है। जिसे की Congenital Cataract और Developmental Cataract कहा जाता है। बच्चों की आँख में सफेदी दिखाई देना एवं बच्चे की नजर का कमजोर होना यह सामान्यतः लक्षण पाया जाता है। जिसका उपचार समय रहते किया जाए तो बच्चे की नजर में सुधार की अच्छी संभावना रहती हैं वहीं अगर इसके उपचार में देरी होती है तो नजर में पूर्ण सुधार की संभावना कम हो जाती है। इसके उपचार के लिए मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता हैं और कृत्रिम लेंस डाला जाता है। जिससे नजर में सुधार आता है।

यह ऑपरेशन सिम्स के नेत्र रोग विभाग में सफलता पूर्वक किया जा रहा है। विगत वर्षों में अब तक लगभग 100 बच्चों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन डॉ सुचिता सिंह एवं डी प्रभा सोनवानी द्वारा किया जा चुका है।

Author Profile

Latest entries
UncategorizedFebruary 5, 2026लायन्स सर्विसेज ठेका फर्म फिर निशाने पर, हाईटेक बस स्टैंड में लाठीटेक सफाई, गन्दगी देख भड़के निगम कमिश्नर थमहाया नोटिस, होटल संचालक पर भी ठोंका जुर्माना
UncategorizedFebruary 4, 2026एसीबी के जाल में फिर फंसे नायब तहसीलदार और पटवारी, धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले में ऊपर रिपोर्ट न भेजने भयादोहन कर शाखा प्रबंधक से मांग रहे थे 35 हजार, दोनो गिरफ्तार
UncategorizedFebruary 4, 2026अगस्त में चोरी, सितंबर में एफआईआर, अक्टूबर में लावारिस मिला नगर पालिक निगम का काऊ कैचर… तो मामला खत्म…?
UncategorizedFebruary 4, 2026न सड़कें बढ़ी न स्टाफ, 13 माह में शहर में बढ़ गई 61 हजार गाड़ियां, कैसे होगा ट्रैफिक कंट्रोल, कैसे और कब तक मिलेगा जाम से निजात…?

