
गांधी चौक बिलासपुर


बिलासपुर। 173 करोड़ का आईटीएमएस(इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) भी बिलासपुर आकर अन्य जम्बो योजनाओं की तरह ध्वस्त हो गया। दावा था कि इससे शहर की ट्रेफिक व्यवस्था में सुधार आएगा, शहरवासियों को ट्रेफिक जाम के जंजाल से मुक्ति मिलेगी पर ये सिस्टम बिलासपुर में अपना मूल काम छोड़कर राजस्व के चक्कर मे पड़ गया, ट्रेफिक व्यवस्था ध्वस्त है शहर की ऐसी कोई सड़क नही जो जाम न हो पर मामला अपने को तो राजस्व से मतलब में टिक गया।



तोरवा गुरुनानक चौक
कांग्रेस शासनकाल में गत 13 मई 2023 को प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों तामझाम के साथ इस आईटीएमएस प्रोजेक्ट का लोकार्पण कराया गया था। दावा किया गया कि ट्रेफिके ही नही शहर की सड़कों पर होने वाली हर गतिविधियों हर वारदात पर 22 चौक- चौराहों समेत 41 अलग अलग जगह लगाए गए 523 सीसीटीवी कैमरों के जरिये पूरा शहर सर्विलांस पर होगा। ट्रेफिके नियमो का उल्लंघन करने वालो के घरों तक ऑनलाइन चालान भेजकर समन शुल्क वसूल किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पूरे शहर की ट्रेफिके व्यवस्था को नियंत्रित करने और सड़कों पर लगने वालेबजाम से शहरवासियों को निजात दिलाने का दावा किया गया था पर जाम तो आज भी आम है। सड़को पर लगने वाली जगह जगह जाम से हलाकान शहरवासी और राहगीर आईटीएमएस और स्थानीय सिस्टम को कोस रहे।

जब दिख रहा तो कंट्रोल क्यो नही
सवाल यह उठ रहा कि क्या शहर की सड़कों पर लगने वाला जाम कंट्रोल कमांड सेंटर में दिखाई नही दे रहा, और यदि दिखाई दे रहा तो स्टाफ भेजकर व्यवस्था क्यो नही बनाई जा रही है।
पर्वो तक पर कोई व्यवस्था नही न कोई प्लानिंग

गणेशोत्सव चल रहा सड़को पर भगवान विघ्नविनाशक के पंडाल पर दर्शनार्थियों की भीड़ लग रही, लोग शाम रात को परिवार लेकर पंडालों में जाने निकल रहे पर जाम ही जाम है। रविवार रात भी गांधी चौक से तोरवा टिकरापारा इलाके में गणेशोत्सव की धूम रही पूरे दायरे की सड़क पर जाम लगा रहा, जाम में फंसे आम राहगीर और दर्शनार्थी कहते रहे क्या
आईटीएमएस फेल हो गया…
इसके बाद नवरात्र, मा दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन और दशहरे का पर्व है पर न तो ट्रेफिक पुलिस की इन पर्वो को लेकर कोई प्लानिंग दिखाई दे रही न पहल यही वजह है कि करोड़ो खर्च के बाद जाम लगने पर वहां के युवाओं को ट्रेफिक पुलिस की भूमिका निभाने सड़क पर उतरना पड़ रहा।
आईटीएमएस क्या है?
इंटेलिजेंट ट्रैफ़िक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) एक उन्नत प्रणाली है जिसे विभिन्न परिवहन साधनों और यातायात प्रबंधन से संबंधित नवीन सेवाएँ प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। दावा था कि इससे पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था नियंत्रित किया जा सकेगा। – बिना सीट बेल्ट के कार चलाने, बिना नंबर की गाड़ी चलाने, हेलमेट न लगाने, रेड सिग्नल तोड़ने वाले समेत अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालो को घर बैठे ऑनलाइन ई-चालन भेजा जाएगा ये काम धकाधक चल रहा पर ट्रेफिक व्यवस्था में कितना सुधार आया जाम से कितनी निजात मिली ये किसी से भी पूछ लीजिए…
नाम बड़े दर्शन…
सरकारें और प्रशासन में बैठे अफसर बड़ी कम्पनी के भारी भरकम अंग्रेजी नाम वाले योजनाओं का ऐसा दावा करते है कि बस शुरू हुआ तो सब ठीक हो जाएगा, इस योजना में भी ऐसा ही हुआ लेकिन कईं हास्यस्पद मामले सामने आए जैसे यूपी के अधिवक्ता की गाड़ी का बिना बिलासपुर आये चालान कटने और ऑनलाइन पहुचने, , कार का नम्बर बता भेजे गए चालान का स्कूटी निकलना जैसे कई और मामले भी सामने आ चुके है।
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