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13-14 के फेर मे मंत्रिमंडल विस्तार पर संवैधानिक संकट, नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को पत्र सौप की 1 मंत्री को हटाने की मांग

0 बताया लोकतंत्र की मर्यादा और संवैधानिक दायरे की रक्षा के लिए जरूरी

0 एक मंत्री की कुर्सी पड़ सकती है खतरे में, कौन देगा कुर्बानी

0 कौन है वो लाल बुझक्कड़ जो फूंक रहा कान

बिलासपुर। 1 साल 8 माह बाद विस्तारित छत्तीसगढ़ का मंत्री मंडल 13-14 के फेर में फिर विवादों में आ गया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने
इस विस्तार पर गंभीर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल रमेन डेका को पत्र सौंप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर कैबिनेट गठन में संविधान के प्रावधानों के उल्लंघन का हवाला देते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर एक मंत्री को पद से हटाने की मांग कर सरकार और पार्टी के लिए संकट खड़ा कर दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 20 अगस्त को अपनी केबिनेट का विस्तार करते हुए हरियाणा विधानसभा की तर्ज पर यहाँ भी 3 और मंत्रियों को शपथ दिला दी, जिससे यहाँ 14 मंत्री हो गए। विपक्ष ने इसे भारतीय संविधान सीमा से अधिक बताते हुए संकट खड़ा कर दिया।

श्री महंत ने पत्र में कहा है कि“भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के मुताबिक, मंत्रियों की संख्या विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 सदस्य हैं, ऐसे में अधिकतम 13 मंत्री ही बन सकते हैं। फिलहाल मंत्रियों की संख्या 14 है, जो संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन है, उन्होंने राज्यपाल से तुरंत संज्ञान लेकर एक मंत्री को हटाने की सिफारिश की है। उनका कहना है कि यह कदम लोकतंत्र की मर्यादा और संवैधानिक दायरे की रक्षा के लिए जरूरी है।
डॉ महंत के इस पत्र ने छत्तीसगढ़ के सियासत में हलचल मचा दी है, जानकारों का मानना है कि यदि विपक्ष की आपत्ति सही पाई गई तो यह मामला न्यायालय तक जा सकता है।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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