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आमजन मच्छर अगरबत्ती जला के खजुआओ, फॉगिंग सिर्फ वीआईपी के लिए, अरपापार की आबादी के लिए सिर्फ दो मशीन वो भी…

बिलासपुर। नगर निगम के आरपापार जोन क्रमांक 8 के लिए महज 2 फॉगिंग मशीन है वो भी सिर्फ वीआईपी बंगलो और घरोँ के मच्छर भगाने के लिए वही आमजन मच्छर अगरबत्ती और क्वाइल जलाकर खुजलाते रात- दिन काटने विवश है। पब्लिक पूछ रही कि क्या प्रदेश और नगर सरकार बनाने सिर्फ वीआईपी ने वोट दिया था।
आमजन को जनसमस्या के लिए निगम मुख्यालय विकास भवन तक दौड़ न लगाना पड़े, उनके एरिया के जॉन कार्यालय से उनको त्वरित मूलभूत सुविधाएं मिल सके इस दावे के साथ २०१८ -१९ में बिलासपुर शहर को 8 जॉन में विभक्त किया गया था, जॉन बनने से पब्लिक और जनप्रतिनिधियों को जॉन से कितनी और क्या सुविधाएं मिल रही है ये जग जाहिर है, प्रत्येक जोन में एक जोन कमिश्नर की नियुक्ति की गई कार्यालय भवन, फर्नीचर अन्य संसाधन और स्टाफ की व्यवस्था की गई, पर विकास तो दूर निगम के जॉन कमिश्नर मच्छर तक नियंत्रण नही कर पा रहे,

सरकार बदली लेकिन इन जोन कार्यालयो का रवैया नही बदला,न सफाई हो रही न पब्लिक के मूलभूत समस्याओं का निदान हो रहा।आलम यह है कि अरपापार के ९ वार्डो  की आबादी के लिए मात्र दो फोगिंग मशीन है जो आम जनता के लिए उपलब्ध ही नही हो पाता।

यहां केवल वीआईपी बंगलो, बड़े घरों और पार्षदों के घरों में ही फोगिंग होता है । वही आमजनमानस मच्छरों के दंश से बचने “ताबड़-तोड़ “ वाचमैन मच्छर अगरबत्ती जला कर मच्छरों से अपनी जान बचाने विवश है, दिन रात घरों- घर मच्छर अगरबत्ती जला रहे तब बैठ पा रहे, गलती से कही थोड़ी देर अपने घर के दरवाजे पर बैठ गए और मच्छरों ने काटा तो खुजला- खुजलाकर हलाकान हो जा रहे, शरीर पर दोरदोरा और लाल चकते पड़ जा रहे है।


मंडरा रहा जनस्वास्थ्य का खतरा


बारिश का समय है सरकण्डा क्षेत्र के ज्यादातर इलाको के गड्ढों में जलजमाव की स्थिति है, जिससे इलाके के रहवासियों में डेंगू, मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है, पर किसी को कोई मतलब ही नही है, ऐसे में यदि डेंगू मलेरिया का संक्रमण हुआ तो सम्हालना मुश्किल हो जाएगा।

डीजल-पेट्रोल ओके, धूल फांक रही मशीनें

सेंट्रल जॉन से फॉगिंग मशीनों को निगम के आठो जॉन में भेजने के बाद फॉगिंग व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई है, कई जोन में तो फॉगिंग मशीनें कबाड़ में तब्दील पड़ी है, पर इनके नाम से डीजल- पेट्रोल के लिए बाकायदा नियमित पर्ची कट रही है, पर फॉगिंग नही हो रहा है।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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