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एनटीपीसी का रिश्वतखोर डिप्टी जीएम अरेस्ट, मामला अधिग्रहित जमीन के पुनर्वास राशि दिलाने 4.5 लाख घूस लेते रंगे हाथ एसीबी के हत्थे चढ़ने का

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार का ये आलम है कि एनटीपीसी का उप महाप्रबंधक (DGM) विजय दुबे 4.5 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ के तिलाईपाली निवासी सौदागर गुप्ता ने एसीबी, बिलासपुर के समझ शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि एनटीपीसी द्वारा उसके मकान और जमीन के अधिग्रहण के बाद पुनर्वास राशि दिलाने के नाम पर उप महाप्रबंधक विजय दुबे 5 लाख रुपये रिश्वत मांग रहे। बताया जा रहा कि गुप्ता के पुत्रों को करीब 30 लाख रुपये मुआवजा मिलना था, जिसमें से 14 लाख रुपये पहले ही मिल चुके । शेष 16 लाख रुपये की राशि जारी करने के बदले dgm ने 5 लाख रुपये बतौर रिश्वत मांगी, वे पहले ही 50 हजार रुपये अग्रिम ले चुके थे और बाकी रकम की मांग कर रहे थे।
एसीबी की टीम ने शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद 16 सितंबर को जाल बिछाया। तय योजना के तहत प्रार्थी को 4.50 लाख रुपये लेकर एक पेट्रोल पंप के पास बुलाया गया, जहां आरोपी अधिकारी रिश्वत की रकम लेते पकड़ा गया।
एसीबी ने आरोपी डीजीएम विजय दुबे को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहतगिरफ्तार कर लिया, टीम द्वारा अब उनके अन्य संपत्तियों और लेन-देन की जांच की जा रही है।
एसीबी इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रिश्वत की ट्रैप कार्रवाई बता रही।
रायगढ़ जिले में पिछले एक साल के भीतर एसीबी बिलासपुर की यह 8 वीं कार्रवाई है। मुंगेली जिले में भी लगभग ऐसी ही स्थिति है, ये तो वे मामले है जो पकड़े गए, न जाने रोज कितने के भृष्ट लेनदेन हो रहे उनका क्या क्योकि सवाल सरकार की साख और जीरो टॉलरेंस के दावे के हल्ला का है…

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