ब्रेकिंग

रविवार को पितृविसर्जन के दिन शहरी गोठान में फिर आधा दर्जन मवेशियों की मौत, सड़क पर गाड़ियों से कुचलकर तो शहरी गोठान में बिन- चारा पानी और चिकित्सा के मर रही गायें,

बिलासपुर। हिंदुओ के आराध्य गौ माता जिसके शरीर मे 33 कोटि देवी- देवताओं का वास बताया जाता है, वो सड़को पर वाहनों से कुचलकर तो गोठान में भूख प्यास से मारी जा रही। रविवार सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के दिन फिर यहां आधा दर्जन गायों की मौत हो गई, जिनके शवो को आनन- फानन में आटो बुलवाकर हटवाया गया, जबकि शेड के अंदर एक मवेशी तड़पते पड़ा रहा, इसी दौरान यहाँ मवेशी छुड़ाने आये युवाओं से आठ सौ लेने के बाद और रकम की मांग की जा रही थी।
इन तस्वीरों में आप खुद देखिये कैसे मृत गायों के शवों को आनन फानन में आटो के डाले में भरकर भेजा जा रहा है…

अब इस दूसरी तस्वीर को भी देख लीजिए कैसे ये मवेशी अंदर शेड के नीचे तड़प रहा है न कोई देखने वाला है न कोई चिकित्सा का इंतजाम है,,,,,

रात में छोड़ से रहे मवेशियों को

ये तस्वीरें मोपका सभरी गोठान के पास की है, देखिये कैसे इन मवेशियों को छोड़ दिया गया जो झुंड में सड़क पर घूम रहे है, यही मवेशी सड़को पर आ जाते है और झुंड बनाकर मोपका- छठघाट बाईपास रोड और शनिमंदिर तिराहे पर रोजाना झुंड लगाकर बैठे दिखाई देते है…

50- 60 गायों के लिए बता रहे ठोमहा भर दाना

शहरी गोठान के चौकीदार से जब पूछा गया कि इन मवेशियों के चारे पानी का क्या इंतेजाम है तो उसने एक कमरे के अंदर बोरी में करीब 2-3 किलो रखे दाने को दिखाया… जब उनसे पूछा गया कि क्या ये यहाँ के 40- 50 गायों के लिए पर्याप्त है तो वह कहने लगा खत्म हो गया और लाने के लिए बोलेंगे कटिया है…

न चारा न दाना एक दिन का 150 रुपये


शहरी गोठान में अपनी गाय को छुड़ाने पहुचे युवक का कहना है कि वह 8 सौ रुपये दे चुका है…उससे और पैसों की मांग की जा रही स्टाफ कह रहे और पैसा लेकर आओ एक दिन का 150 रुपये चार्ज है, सवाल यह उठ रहा कि इस तरह की खुली उगाही की छूट दी किसने और गाय छुड़ाने वाले पशु मालिको को रसीद क्यो नही दी जा रही।

गोठान है या कचरा खाना


गोठान के पीछे एक शेड को एसएलआरएम सेंटर यानि कचराखाना बना दिया गया है, पॉलीथिन का कचरा और सड़ांध मारती गन्दगी का ढेर से किनारे सामने से पीछे तक बिखरा है और पीछे तो कचरे का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है।


आखिर कौन है मूक मवेशियों की मौत का जिम्मेदार


गोठान का चौकीदार खुद बता रहा रोज नही एक दो दिन में यहां मवेशियों की मौते हो रही है, यदि गाय बीमार और घायल है तो इन मवेशियों के इलाज और देखरेख की व्यवस्था क्यो नही है, क्यो आये दिन यहां मवेशियों की मौते हो रही है, आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है क्या निगम के अफसरों को गौ माता के श्राप तक का डर नही है।


गोठान बना कत्लखाना, कह रहे बिना परमिशन के वीडियो फोटो न बनाना

गोठान में अमूमन रोज गायों की मौत हो रही, लेकिन दबा दिया जा रहा, जब रिपोर्टर यहां रिपोर्टिंग के लिए पहुचते है तो जिम्मेदार अपनी करतूत और अपना पाप छिपाने के लिए परमिशन का अड़ंगा लगाते है ताकि उनकी करतूत सामने न आ जाय…

Author Profile

शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
Latest entries