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प्रशासन के दावों में दम नही…? साइंस कॉलेज में पंखिड़ा ओ पंखिड़ा बाहर मेनरोड के जाम में एक नही दो- दो एम्बुलेंस घिरा, और इधर शहरी गोठान के पास राजकिशोर नगर शनिंमदिर तिराहे में सड़क पर पसरे मवेशी

बिलासपुर। पुलिस और प्रशासन ने दुर्गोत्सव से लेकर विसर्जन तक ट्रफिक व्यवस्था और सड़कों पर पसरे मवेशियों के प्रबंधन लिए एक दिन पहले प्लानिग और दावा किया, दूसरे दिन दोनो का क्या हाल है, इन तस्वीरों में आप खुद देख लीजिए।

ये तस्वीरे बुधवार रात साइंस कॉलेज मैदान के बाहर सीपत रोड का है, जहाँ रास डांडिया का आयोजन किया गया है, आप खुद देखिये सड़क पर कैसे गाड़ियों की कतार और जाम के बीच एक नही दो-दो एम्बुलेंस फसी रही, चालक लगातार सायरन बजाता रहा…जबकि दावा था कि दुर्गोत्सव से लेकर विसर्जन तक डायवर्सन और… ट्रफिक व्यवस्था और पार्किंग व्यवस्था का दावा किया था, पर ट्रेफिके व्यवस्था ध्वस्त नजर आई।

ये दूसरी तस्वीर राजकिशोर नगर के शनिमंदिर तिराहे की है जो शहरी गोठान से महज किलोमीटर ही दूर है, आप खुद देखिये कैसे सड़क पर मवेशियों के एक नही दो-दो झुंड बैठे है। जबकि पूरे सरकारी महकमे की बैठक के दौरान रात 10 बजे से दोपहर दो बजे तक विशेष टीम गठित कर सड़को पर पसरे मवेशियों को हटवाने और पकड़ने का दावा किया गया था…


ये हाल है भक्ति का

रासगरबा डांडिया मूलतः गुजरात की परंपरा है जो छत्तीसगढ़ के युवक- युवतियों के सिर चढ़ कर बोल रहा है, दो-दो, तीन- तीन हजार के पास बिक रहे, प्रवेश के लिए यहां रेलमपेल मची है, फिल्मी धुन पर युवक युवतियां सजधज कर थिरक रहे।
वही दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और जगह-जगह होने वाले जस गीत में मुट्ठी भर श्रद्धालु ही जुट रहे और भक्तिमय जसगीत का आनंद ले रहे है…

और ये रहा एलर्ट का फरमान

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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