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40 लाख की ठगी वो भी न्यायधानी के पुलिस विभाग में किराए पर गाड़ियां लगाने के नाम पर, विभागीय अफसर इनोसेंट, ट्रेवल्स कंपनी पार्टनर व केयर टेकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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0 चिकन कारोबारी की शिकायत पर खुला पुलिस विभाग में चल रहे खुल्ला खेल का राज
0 एसएसपी से शिकायत हुई तो सामने आया मामला,

बिलासपुर। न्यायधानी के पुलिस लाइन में गाड़ियां लगाने के नाम पर 39.64 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में सिविल लाइन पुलिस ने कंपनी के पार्टनर किशोर शर्मा, केयर टेकर रूपेंद्र शुक्ला, उसकी पत्नी श्रद्धा शुक्ला और अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पर विभाग का कोई स्टाफ दोषी नही पाया गया, जबकि जग जाहिर है कि सरकारी विभाग में गाडियां लगाने के लिए नकद नारायण का चढ़ावा शुरू कहा से होता है और इसका चैन कितना तगड़ा और लंबा है।
बताया जा रहा कि बिरकोना निवासी चिकन व्यवसायी कन्हैया लाल धीवर ने बताया कि उनकी पहचान पल्लवी ट्रेवल्स और राधा रानी ट्रेवल्स के पार्टनर सह मैनेजर किशोर शर्मा से हुई। इसके बाद राधा रानी ट्रेवल्स के केयर टेकर रूपेंद्र शुक्ला और उनकी पत्नी श्रद्धा शुक्ला ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग में बोलेरो, स्कॉर्पियो और इनोवा जैसी गाड़ियां लगाने पर हर महीने 60 हजार से 1 लाख रुपए तक का किराया मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गाड़ी चलाने के लिए एक महीने के किराए के बराबर डिपॉजिट देना होगा और भुगतान दो महीने बाद किया जाएगा। झांसे में आकर कन्हैया लाल धीवर समेत दर्जन भर से अधिक लोगों से किशोर और रूपेंद्र ने ऑनलाइन और नकद भुगतान भी ले लिया,
इन लोगो ने कुछ गाड़ियां पुलिस लाइन में लगाईं, कुछ निजी उपयोग में ले लीं। कई वाहनों को तो लगाया ही नहीं गया। इसके बाद भुगतान को लेकर भारी शिकायतें आने लगीं। सिर्फ कुछ लोगों को आंशिक रकम दी गई, बाकी को टालमटोल किया गया। इस तरह तीनों ने कुल 39.64 लाख रुपए की ठगी कर ली। पीड़ितों ने इसकी शिकायत एसएसपी से की थी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस विभाग में उजागर हुए इस घपले ने फ़िल्म अभिनेता अमरीश पुरी के उस डायलॉग पर भी मुहर लगा दी कि जब जंगल मे आग लगते है तो उन दरख्तों का हिसाब तो होता ही है जो थे पर उन दरख्तों का हिसाब भी होता है जो कभी थे ही नही, क्योकि इस मामले में भी ऐसा ही होने की बात सामने आई, उससे भी चौकाने वाली बात ये है कि विभाग के जिम्मेदार अफसर भी बेदाग निकल गए।

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