ब्रेकिंग

न्यायधानी की सड़क पर नवरात्र में तीन दिन से तड़पती पड़ी है एक्सीडेंटल गौ माता, भड़क रहा आक्रोश… शासन प्रशासन को  कोसते रहे लोग…

Spread the love

बिलासपुर राजधानी में अपनी उंगली की बलि देकर गौ माता के प्रति दिये गए जागरूकता के सन्देश का ये हाल है। न्यायधानी की सड़क पर 3 दिन से घायल गौ माता तड़प रही है, कुछ संवेदनशील युवाओं ने माताजी के लिए थर्मोकोल के डिब्बो और बोरी का बिछौना बिछा अपने सामर्थ्यानुसार सेवा दी, तो कुछ ने अनदेखा किया। गौवंश की इस तरह की दुर्गति और हो रही मौतों को लेकर आक्रोश भड़क रहा हैं…गौ भक्त ने गौ को राष्ट्र माता घोषित कर इनका उचित संरक्षण की मांग करते हुए इसके लिए प्रशासन को जमकर कोसा।
ये तस्वीरे चिंगराजपारा अमरइयाँ चौक और भारत माता चौक की है, जहां हिंदुओ की पूज्य आराध्य घायल गौ माता सड़क पर अचेत पड़ी है वो भी 3 दिन से वो भी तब जब हाईकोर्ट।फटकार लगा चुकी, सीएम और कलेक्टर सड़को पर पसरे मवेशियों के प्रबंधन की चेतावनी दे चुके,,, इसके बाद लगातार कभी सड़क पसरे मवेशियों के भारी वाहन से कुचलकर दर्जनों मौत की खबरे आती रही तो कभी कार और बाइक सवार लोगो की मौतों की पर तनखैय्या अफसर नही जागे।

नगर निगम, ट्रफिक, पंचायत, एनएचएआई जैसे दर्जनों विभाग है अफसर है इनके पास अमला भी है लेकिन फिर भी कोई ठोस पहल धरातल पर नही दिखाई दे रहा… बैठके हो रही मवेशियों के उचित प्रबंधन विशेष टीमें सड़क पर उतारने जैसे तमाम दावे किए जा रहे पर हो कुछ नही रहा सब सन्नाटा है नतीजतन आये दिन कभी मनुष्य तो कभी गायों के खून से सड़कें लाल हो रही है…

गौ सेवक तैयार प्रशासन लाचार

गौ सेवक गौ माताओं और नन्दी बाबा के उचित प्रबंधन के लिए तैयार है और सेवा दे भी रहे है, उनकी मांग है कि उन्हें मवेशियों के उचित प्रबंधन के लिए भूखण्ड, चारे पानी के लिए फंड या चारा पानी, चिकित्सक और दवाइयों का प्रावधान किया जाए वे सहर्ष तैयार है, इससे जहा सड़को से मवेशियों के उचित प्रबंधन और रखरखाव हो सकेगा वहीँ किसी मॉ के लाल, पिता या पुत्र की जान बचाई जा सकेगी… इसके साथ ही बेरोजगारों को काम मिलेगा आवश्यकता इस बात की है कि गनियारी, बीमा समेत अन्य जगह ग्रामीण महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के नाम पर करोड़ो रूपये फूंकने के बजाय इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर युवाओं इसके जरिए रोजगार से जोड़कर स्वावलम्बी बनाने की, इससे न्यायधानी में बढ़ते अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लग सकेगा बशर्ते नेताओ के गुर्गों और उनके ठेकेदारो के बजाए इसका दायित्व सम्हाल रहे गौ सेवको के हाथों में सौंपकर…

रूपेश कुमार साहू, चिंगराजपारा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *