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युवाओं ने कहा सड़को को मवेशी मुक्त करने प्रशासन गाय और गोबर को रोजगार से जोड़े, बढ़ाई जाय गोठानो की संख्या बेरोजगारों को सौपे जिम्मेदारी

0 लीज पर बेरोजगारों को गौशाला के लिए जमीन और संसाधन दे 0 कहा मन से काम किया जाय तो बदल सकती है शहर की तस्वीर

सड़को को मवेशी मुक्त करने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह और संगठन के विद्यार्थियोबसे सीजीडीएनए ने की चर्चा

बिलासपुर। संभागायुक्त की नाराजगी के बाद जिला प्रशासन ने सड़को पर पसरे मवेशियों का प्रबंधन करने नई पहल की है। इसके लिए स्कूल और कालेजो के विद्यार्थियों से आइडिया मंगाने नवाचार किया जा रहा। प्रतियोगिता आयोजित कर यह जानने की कोशिश की जा रही कि आखिर नई पीढ़ी शहर को मवेशी मुक्त करने क्या विजन रखती है जो आसन्न संकट को दूर करने सहायक हो सके।
सीजीडीएन. इन ने भी प्रशासन की इस पहल में सहभागिता निभाने का प्रयास करते हुए रचनात्मक सोंच रखने वाले एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह प्रदेश महासिचव विकास सिंह, लोकेश नायक और संगठन के युवाओ से चर्चा की आइए जानने की कोशिश करते है कि युवा इस विकट समस्या को लेकर क्या सुझाव रखते है।

ये आये प्रमुख सुझाव


चर्चा के दौरान युवाओं ने प्रमुख रूप से अपनी बातें रखते हुए कहा कि यदि प्रशासन सच मे इस संकट का निदान चाहती है तो ये उपाय करने होंगे।


0 ऐसे मवेशी मालिक जो अपने मवेशियों को सड़क पर खुला छोड़ दे रहे है उनका पता लगा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया जाय।
0 गाय के दूध और गोबर को रोजगार से जोड़कर आर्थिक समृद्धि के लिए पबले करे।
0 गायों और आमजन में सुरक्षा के मद्देनजर गोठनो की संख्या बढ़ाई जाय ताकि मवेशी और नागरिक हताहत होने से बच सके।
0 स्थानीय युवाओं की टीमो को गौ सेवा के रोजगार से जोड़ने फंड और गोठान के लिए लीज पर भूमि दी जाय।
0 इन गोठनो के केयर टेकर और गौ सेवको के सम्मानजनक पारिश्रमिक का प्रावधान किया जाए।
0 सभी गोठनो के लिए चारे पानी शेड बिजली और मवेशियों की चिकित्सा का प्रावधान किया जाय।
0 ग्रामीण अंचल में किस्सनो द्वारा खेतो पर पराली जलाने पर सख्ती से रोके लगाने।
0 खेतो से निकले पैरे का मवेशियों के चारे का प्रबंध करने।
0 ग्रामीण अंचल के राशनकार्ड धारकों को चावल के बजाय धान दिया जाए जिससे बंद पडे गावो के मिल फिर से शुरू हो सके मवेशियों के लिए कोढे का इंतेजाम और रोजगार का सृजन हो सके।
0 गाय के दूध और गोबर के कंडो से रोजगार की व्यवस्था बनाई जाए
0 गावो और शहरों में आबादी के हिसाब से गोबर गैस प्लांट स्थापित कर रसोई गैस का उत्पादन कर पाइप लाइन के जरिये ग्रामीणों के चूल्हे तक गैस की सप्लाई की व्यवस्थास बना सिलेंडरों से निर्भरता को दूर कर लोगो के रोजगार का इंतेजाम करने।
0 गोबर गैस प्लांट से निकलने वाले गोबर के अपशिष्ट से खाद तैयार कर इसके विपणन की व्यवस्था बनाई जाय।


युवाओं का कहना है कि इसके पहले भी सरकार शहर को मवेशी और गन्दगी मुक्त करने गोकुल धाम योजना में पैसा बहा चुकी है नतीजा सामने हैं। शासन और प्रशासन यदि मवेशी मुक्त सड़क के सपने को साकार करना चाहती है तो इसे रोजगार से जोड़ बेरोजगार युवाओं की टीम बना ऐसी पहल और ठोस इंतेजाम करे व्यवस्था बदलेगी शहर व्यवस्थित होगा।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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