ब्रेकिंग

173 करोड़ के आईटीएमएस के बाद भी यातायात को व्यवस्थित करने बम्बू तकनीक की दरकार, इंटीग्रेटेड ट्रफिक मैनेजमेंट सिस्टम की नही नई सड़को की दरकार है, सरकार

बिलासपुर। 173 करोड़ के इंटीग्रेटेड ट्रफिक कंट्रोल सिस्टम के बाद भी न्यायधानी में ट्रफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने बम्बू की दरकार पड़ रही है। ये हम कह नही रहे दिखा रहे, कि ई है डबल तकनीक तू देख बबुआ आप खुद देखिये चौक- चौराहों पर बेरिकेटिंग के लिए कैसे बम्बू का उपयोग किया जा रहा है।
ये तस्वीर दयालबंद- लिंगियाडीह पुल मोड़ की हैं…


देखिये कैसे चौराहे को बेरिकेट्स लगाकर घेर दिया गया है, बाइक सवार वही डिवाइडर के बगल के बुलकव्वल से शॉर्टकट मार रहे या फिर उल्टे होकर जा रहे,
इसकी वजह यह है कि आगे दयालबंद गुरुद्वारा के सामने भी सड़क को 3 बेरिकेट्स और बम्बू लगाकर घेर दिया गया है,,,
आप ये भी देख लीजिए…

कुल मिलाकर 173 करोड़ का सिस्टम भी बिलासपुर में फैल हो गया, शहर का विस्तार हुआ, कालोनियां और बस्तियां बढ़ी, लोगो की आबादी और सड़कों पर वाहनों की तादात भी बढ़ी लेकिन नई सड़के नही बढ़ी नतीजतन उपचार फैल हो गया, शहर को आईटीएएस की नही नई सड़को की दरकार है। शहर के ज्यादातर चौराहों की ट्रफिक दो-तीन बार हरी होने के बाद क्लियर हो रही, कही लेफ्ट साइड क्लियर है तो कही बाधा…इसको ठीक करने की जरूरत है,


कैसे चलेंगी सिटी बसें

खटारा सिटी बसों के बजाय शासन द्वारा लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए 50 नई बैटरी चलित बसें प्रदाय करने का हल्ला है, पूर्व में किये गए दावों के मुताबिक 8 माह पूर्व अप्रैल से शहर की सड़कों पर सिटी बसें दौड़नी थी जिनका आज तक अता-पता नही। पर सवाल यह है कि अभी गोलबाजार, सदर बाजार, जूना बिलासपुर, गांधी चौक, देवकीनन्दन चौक, नेहरू चौक के ट्रफिक व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नही है, ऐसे में ये सिटी बसे शहर के अंदर चलेगी कैसे।

Author Profile

शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
Latest entries