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कौन डकार गया निगम के राजस्व वसूली का 15 लाख…? अफसर लगे है नोटिस-नोटिस का खेल कर अपनो को बचाने के जुगाड़ में, पूछ रहे लोग क्या सहायक राजस्व निरीक्षकों के अलावा कोई जिम्मेदार नही

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00 क्या होम ऑफिस चला रहे अफसर जो ऐसे निकाल रहे ऑर्डर

00 बिना संशोधिन के 1088 आदेश क्रमांक पर कैसे निकाल दिए दो- दो नोटिस

00 जब कार्यपद्धति का ये हाल तो क्या खाक होगी जांच और कार्रवाई

बिलासपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 2 तिफरा- सिरगिट्टी के राजस्व विभाग में हुए 15 लाख के गफलत में कोई दोषी नही ? एक ही दिन में ऑर्डर पर ऑर्डर निकले 2 सहायक राजस्व अधिकारी का दूसरे जोन में तबादला कर दिया गया, दिलचस्प बात ये रही कि एक आदेश को दुबारा बदला गया पर न तो उस पर संशोधित अंकित किया गया न आदेश क्रमांक बदला गया। दोनो सेम है, पहले आदेश में सहायक राजस्व अधिकारी ज़ोन क्रमांक 2 अंकित है, वही दूसरा आदेश रूपा सोनी के नाम पर है, खास बात यह है कि दोनों का नोटिस क्रमांक 1088 है।

सेम डेट, सेम नोटिस क्रमांक 1088

बताया जा रहा कि ये पूरी कवायद अपने करीबी और चहेतों को बचाने का है, इस पूरे गड़बड़झाले में सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ाया जा रहा।

इसमें सहायक राजस्व निरीक्षक रामनारायण देवांगन का नाम घसीटा जा रहा, बताया जा रहा कि रामनारायण पिछले कुछ सालों से लकवाग्रस्त है और कलम भी नही पकड़ सकता उसी ने कलेक्टर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। तब ये गड़बड़झाला सामने आया, इतना ही नही उसका ट्रांसफर भी जोन 2 से जोन कार्यालय 7 सरकण्डा सीपत रोड कर दिया गया।

वही दूसरी सहायक राजस्व निरीक्षक प्रिया लोहिया को इस जोन से जोन क्रमांक 8 कोनी में स्थानांतरित कर दिया गया, वही रूपा सोनी समेत सभी सम्बन्धितों को 7 दिन के अंदर जवाब प्रस्तुत करने और जवाब संतोषजनक न होने पर कडरवाई की चेतावनी दी गई है…।

क्या इनके ऊपर कोई जवाबदेह नही

क्या जोन क्रमांक 2 के राजस्व वसूली के फंड में हुए पूरे फाल्ट के जिम्मेदार केवल ये सहायक राजस्व निरीक्षक है, क्या जोन कमिश्नर राजस्व वसूली के स्थिति की अपडेट नही लेते समीक्षा तक नही करते ये कैसे निगम चल रहा। बड़े बड़े गफलत घोटाले हुए कोई जिम्मेदार नही।

*स्पैरो के झटके का कोई हिसाब नही*

ये तो महज 15 लाख का गफलत है रांची के स्पैरो सॉफ्टेक कम्पनी ने निगम को कितने का झटका दिया अफसर तो ये तक बताने की स्थिति में नही है, कम्पनी तो शहर के प्रॉपर्टी मालिको और उनकी प्रोपर्टी का डाटा तक ले गए, पर प्रशासन कहलाने वाला निगम उसका कुछ नही बिगाड़ सका, 17 साल से शहर को गन्दगी और धूल मुक्त करने का दावा कर सीवरेज परियोजना के नाम पर सड़को की बेतरतीब खुदाई करने वाले सिम्प्लेक्स कम्पनी समेत ऐसे दर्जनों कम्पनियों ने निगम को अरबो का चूना लगाया जिनके खिलाफ निगम प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों व शासन प्रशासन ने आज तक कोई कार्रवाई नही की।

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