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लक्ष्मी के भंडार के नाम से चर्चित सम्भागीय मुख्यालय के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में रामराज…, उधारी के अफसर, निजी लोगो के हाथ मे पूरा सिस्टम

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बिलासपुर / लक्ष्मी जी का भंडार कहलाने वाला सम्भागीय मुख्यालय का क्षेत्रीय परिवहन दफ्तर बिना आरटीओ के चल रहा। आरटीओ असीम माथुर मुंगेली जिले में पदस्थ है, तो बिलासपुर आरटीओ कार्यालय उनका प्रभार क्षेत्र है, इतना ही नही वे छत्तीसगढ़ के समस्त आरटीओ कार्यालय के मामलों के हाईकोर्ट में प्रस्तुतकार है। नतीजतन पूरे दफ्तर का माहौल रामराज की तरह है… पब्लिक बोल रही कि कही हो न हो आरटीओ में जरूर रामराज आ गया है…


सीजीडीएनए की टीम ने मंगलवार को अफसरविहीन आरटीओ कार्यालय का जायजा लिया, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का चेम्बर तो खुला था पर वे नदारद रहे, पूछने पर पता चला कि साहेब आते ही नही, क्योकि वे यहां प्रभार पर है, उनकी मूलपदस्थापना मुंगेली क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय है, इज़के अलावा वे प्रदेश भर के आरटीओ कार्यालयों के हाईकोर्ट से सम्बंधित मामले के प्रस्तुतकार है। साहेब तब आते है जब यहाँ दफ्तर में किसी वीआईपी का आगमन हो, रोज शाम दस्तखत के लिए दस्तावेज उनके बंगले में भेजा जाता है।
मुख्य अफसर के न होने से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में अराजकता और अनाप शनाप वसूली की चर्चा रही,,, किसी का दबाव है न कोई पूछने वाला इसलिए ज्यादातर विभागों की कुर्सियां खाली मिली।

निजी स्टाफ का दखल

समय के साथ साथ यहां विभिन्न शाखा में सालो से सेवा देने वाले स्टाफ रिटायर हो गए है, और अब वे यहाँ कमीशन बेस पर लोगो का काम लेकर कराने आते है। लगातार स्टाफ के रिटायरमेंट और नई भर्ती न होने के कारण साहबो के परिचितों और रिश्तेदारों ने यहाँ खम्भ गाड़ लिया है, उनका एक ही काम है जो भी साहब आये उनकी सेवा करो उन्हें खुश रखो और माल अंदर करो।

दस्तावेजो का ये हाल

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के प्रथम तल पर जहां आरटीओ साहब का चेम्बर है अब आप वहां का नजारा भी देख लीजिए, कैसे कमरे के बाहर बरामदे में कूड़े की ढेर की तरह धूल गर्द खाते जरूरी दस्तावेज अस्त- व्यस्त पड़े है।

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