
0 बिना आरटीओ साहब के चल रहा क्षेत्रीय परिवहन दफ्तर

0 पंजीयन दफ्तर के केशरवानी बाबू ने कहा साहब के आदेश के बिना नही बता पाएंगे

बिलासपुर/ न्यायधानी में बिना आरटीओ के चल रहे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का हाल लाल बुझक्कड़ की पाठ की तरह हो गया है। आरटीओ है नही बाबू है कि कह रहे कि साहब के आदेश के बिना पंजीकृत वाहनों संख्या नही बता सकते।
कडिब दो माह पूर्व सीजीडीएनए ने आरटीओ असीम माथुर से जिले में पंजीकृत वाहनों और खासकर ट्रैक्टरों के पंजीयन की जानकारी मांगी थी कि जिले में कितने ट्रैक्टर किसानी और कितने व्यवसायिक कार्य के लिए पंजीकृत है। मामला कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों का शहर में रेत के अवैध उत्खनन और माल ढुलाई और शहर की सड़कों पर बिल्डिंग मटेरियल लेकर फर्राटे भरने वाले ट्रैक्टरों का है, जिससे आमजनमानस पर हादसे का खतरा मंडरा रहा और हादसे हो भी रहे है। आरटीओ साहब ने तत्काल जानकारी दे पाने में असमर्थता जताई और बाबू को इसकी जानकारी एकत्र कर अवगत कराने कहा, इसके बाद आज तक आरटीओ साहब से भेंट ही नही हुई।

घर से चला रहे दफ्तर
ऑफिस में पूछने पर पता चला कि आरटीओ साहब की मूल पदस्थापना मुंगेली जिले में है, न्यायधानी बिलासपुर तो उनका प्रभार क्षेत्र है, इसके अलावा वे प्रदेश भर के आरटीओ दफ्तरों के हाईकोर्ट के मामलों के प्रस्तुतकार भी है।

यहाँ काम करने वाले लोगो ने बताया कि आरटीओ साहब तो दफ्तर आते ही नही, कभी कभार जब किसी वीआईपी पर्सन का आगमन होता है वे भी आते है, बाकी रोज शाम को उनके यहाँ फाइलें हस्ताक्षर के लिए गाड़ी से उनके निवास तक लाने ले जाने अलग स्टाफ की ड्यूटी लगी है, सारा काम घर से हो रहा है।
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