
बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ विधांनसभा में शुक्रवार को भी सह और मात का दांव जारी रहा। बेलतरा विधायक ने बिलासपुर शहर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी और सेवाभूमि को हड़पने का और मिलीभगत का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि एक ही कॉलोनाइजर ने अलग-अलग संस्थानों के माध्यम से नगर निगम और नगर एवं ग्राम निवेश (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) के अफसरों से सांठगांठ कर टाउनशिप एक्ट का उल्लंघन किया और करीब 100 एकड़ क्षेत्र में नियमों के विपरीत निर्माण करा लिया।
विधायक श्री शुक्ला के आरोपो का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधायक श्री शुक्ला नेवर्ष 2023-24 से 4 फरवरी 2026 तक बिलासपुर जिले में विकसित की गई सभी आवासीय कालोनियों और व्यावसायिक परिसरों का ब्यौरा मांगा। उन्होंने पूछा:
किन-किन कॉलोनाइजर/कंपनियों ने कहाँ-कहाँ निर्माण किया?निर्माण का कुल क्षेत्रफल कितना है? क्या इन परियोजनाओं में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, रेरा से अनुमति न लेने और निर्धारित मापदंडों के उल्लंघन करने शिकायतें मिलीं है। किन -किन के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई…?
मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि 50 शिकायतें मिली है जिनमे से 21 शिकायतें बुनियादी सुविधाओं के अभाव,
2 रेरा अनुमति न लेने, 15 रकम वापसी,11 भू-सम्पदा का अधिपत्य दिलाने और 1 शिकायत क्षतिपूर्ति का है। इनमें से 28 में आदेश पारित किए जा चुके हैं, वही 22 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं।
विधायक श्री शुक्ला ने
“सेवाभूमि को EWS के नाम पर पास कराने” कॉलोनाइजर पर नियमों के विरुद्ध टुकड़ों में ले-आउट पास कराने। राजस्व और नगर निगम के अफसरों के कथित मिलीभगत से कोटवार को दी गई सेवाभूमि को ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के नाम पर पास कराने का आरोप लगाते हुए
मांग की कि ऐसे बिल्डर के जमीन की खरीदी-बिक्री पर तत्काल रोक लगा इस फर्जीवाड़े में शामिल अफसरों पर कार्रवाई की जाय, सदन में
सरकंडा के तीन खसरा नंबरों का मामला भी गरमाया। बेलतरा विधायक ने बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के तीन खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए टाउन एवं कंट्री प्लानिंग से बिना अनुमति लिए नगर निगम प्रशासन पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर अनुज्ञा जारी करने, के साथ-साथ निगम अधिकारियों पर मंत्री को गलत जानकारी देकर सदन में गलत जवाब प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुये पूछा कि विधानसभा को गुमराह करने वाले अफसरों पर क्या कार्रवाई होगी। वित्तमंत्री ने कहा कि
यदि विधायक सभी दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं तो गठित जांच कमेटी पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी।

खुद पर दाग, खुद करेंगे जांच
कमेटी में विभागीय अधिकारियों के साथ नगर एवं ग्राम निवेश और नगर निगम के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में जमीन और कॉलोनाइजिंग से जुड़े इस बड़े फर्जीवाड़े के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है…
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