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न्यायधानी के सीयू के बाद सीवी रमन यूनिवर्सिटी कैम्पस से भी विद्यार्थी के लापता होने की खबर से खलबली, गायब छात्र के परिजनों ने निजी विश्वविधालय प्रबंधन पर लगाये कई गम्भीर आरोप

बिलासपुर/ शांति का टापू कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के शिक्षण संस्थान भी अब अपराधगढ़ में तब्दील हो गए है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्र
अर्सलान अंसारी के संदिग्ध मौत के बाद अब डॉ सीवी रमन यूनिवर्सिटी कोटा से बी-फार्मा के छात्र रोहित कुमार के रहस्यमयी तरीके से लापता होने के मामले में ऑनलाइन गेमिंग, 7 लाख के लेनदेन,आधा दर्जन विद्यार्थियों द्वारा मारपीट करने के आरोप और जान के खतरे के संदेश का मामले को लेकर बवाल मचा हुआ है।

बिहार के गया जिले के महाबीर नगर डेल्हा के निवासी रोहित कुमार पिता अमरेन्द्र कुमार,
सीवी रमन यूनिवर्सिटी के सेमेस्टर-3 का विद्यार्थी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। विद्यार्थी रोहित के परिजनों के मुताबिक यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उन्हें सूचना दी कि रोहित गत 6 मार्च 2026 से परिसर से लापता है। परिजनों ने अपने स्तर पर पतातलाश किया पर रोहित का पता नही चला, दूसरे दिन गत 7 मार्च 2026 को कोटा थाने में इसकी लिखित कम्प्लेंट दर्ज कराई गई। लापता छात्र रोहित के रोते बिलखते परिजन गया बिहार से बिलासपुर पहुंचे पिता ने आईजी के समक्ष बेटे को वापस दिलाने गुहार लगाई।


पुलिस महानिरीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनका पुत्र डॉ सीवी रमन यूनिवर्सिटी में में बी-फार्मा सेमेस्टर-3 का छात्र है और छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। कई दिनों से बेटे का कोई पता नहीं है वे उसकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है।

जताई आशंका

परिजनों ने अपने आवेदन में बताया कि रोहित का हॉस्टलर्स सहपाठियों के साथ कुछ खुन्नस चल रही थी कई बार उनके बीच वाद-विवाद की भी खबर मिली थी, परिजनों ने छात्र- छात्राओं समेत उसके आधा दर्जन सहपाठियों के नाम का उल्लेख करते हुए बताया कि इन विद्यार्थियों के साथ अक्सर विवाद की खबर मिलती रहती थी, जिससे पूरे घटनाक्रम में इनकी भूमिका को लेकर संदेह है। उन्होंने इससे संबंधित व्हाट्सएप चैट,
कॉल डिटेल्स भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं जिसमे रोहित ने अपनी मां को संदेश भेजा है कि हॉस्टल में रहना जान के लिए खतरा है। परिजनों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में सीसीटीवी न होने और बाउंड्री वॉल जर्जर होने के भी आरोप लगाते हुए सीवीआरयू की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए है। परिजनों का कहना है कि यदि परिसर में पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा की व्यवस्था होती तो छात्र के अचानक गायब होने की घटना को रोका जा सकता था। पता चलने में इतनी देर भी न लगती।

परिजनों ने भी लगाया खुद के साथ मारपीट का आरोप

पीड़ित परिजनों का यह भी आरोप है कि जब वे अपने बेटे की तलाश और जानकारी लेने यूनिवर्सिटी पहुँचे तो परिसर में उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने इसकी भी शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

ऑनलाइन गेमिंग का एंगल

पुलिस के मुताबिक लापता छात्र रोहित के ऑनलाइन गेमिंग में सक्रिय होने और उसके खाते से 7 लाख रुपये के लेनदेन की जानकारी भी सामने आ रही है, सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

सीयू के बाद अब सीवीआरयू की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लापताकाण्ड और फिर परिसर के गड्ढे में छात्र की लाश मिलने और इसकें बाद फिर सीवीआरयू कैम्पस से विद्यार्थी के गायब होने की घटना ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी और सीवी रमन यूनिवर्सिटी कैम्पस के सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, वही दीगर जिले और दीगर प्रान्त से अपने बच्चों को पढ़ने के लिए यहां भेजने वाले पालकों परिजनों में इन घटनाओं को लेकर आक्रोश और असमंजस की स्थिति है कि ये हो क्या रहा है…
क्योकि उन्होंने तो अपने बच्चों को पढ़ने भेजा है,,, क्या इन यूनिवर्सिटी प्रशासनों की क्या कही कोई जिम्मेदार नही है…
ये शिक्षण संस्थान है या गुंडों मवालियों का अड्डा जहा से कभी होलिकोत्सव तो कभी किसी अन्य अवसरों पर इस तरह की वारदातें सामने आ रही है…

निजी हो सरकारी, रंगदारी ही रंगदारी

सेंट्रल और इसके बाद सीवी रमन यूनिवर्सिटी से सामने आए इन घटनाओं ने जाहिर कर दिया कि निजी हो या सरकारी रंगदारी तो यूनिवर्सिटियों में है, सवाल यह उठ रहा कि क्या कालेजो में क्या अनुशासन समिति, ऐंटी रैगिंग कमेटी नही है और है तो ये कर रहे क्या रहे क्या ये  केवल कागज बोर्ड और रजिस्टर खैता है।

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सीजीडीएनए ने इस मामले में. डॉ सीवी रमन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी को कॉल कर और व्हाट्सप के जरिये मैसेज भेजकर उनसे सम्पर्क कर चर्चा किया परन्तु उन्होंने कॉल ही रिसीव नही किया और न ही व्हाट्सप पर भेजे गए मैसेज का कोई जवाब देना उचित समझा…


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लापता छात्र के पीड़ित परिजनों से यूनिवर्सिटी परिसर में मारपीट की जानकारी नही है, अभी तक की जांच में लापता छात्र के ऑनलाइन गेमिंग में 7 लाख के ट्रांजेक्शन और अलग अलग अकाउंट में लगभग 40 लाख के ऑनलाइन लेनदेन के प्रमाण मिले है। प्रथम सूचना यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई है, सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है…
नरेश चौहान
थाना प्रभारी, कोटा थाना

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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