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18 लाख का बार, 70 लाख का चखना सेंटर… कमा खा के सरेंडर कर गए आधे से ज्यादा फंटर, 30-32 अब भी संचालित कितना माल आ रहा लगाना होगा हिसाब- किताब…!

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बिलासपुर/ 18 लाख में बार लाइसेंस और 70 लाख का चखना सेंटर,,, सवालिच नई उठता यही वजह है कि प्रतिस्पर्धा में बढ़चढ़कर बोली लगाने वाले ठेकेदारों ने सेंटर सरेंडर कर दिया। जिसके चलते जिले के 64 शराब भट्ठियों में से आधे से अधिक भट्टियों के चखना सेंटर बन्द हो गए।


सहायक आयुक्त आबकारी जिला मुख्यालय दफ्तर की माने तो वर्तमान में जिले के 30-32 भट्टियों में चखना दुकान संचालित है, सबका लाइसेंस शुल्क अलग- अलग है, चखना सेंटरो से सरकार को कितनी आय है इसका हिसाब लगाना होगा, क्योकि बन्द चखना सेंटरों में ज्यादातर चखना सेंटर शहरी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, ग्रामीण इलाकों की भट्टियों के चखना सेंटर अब भी चल रहे है।

बिलासपुर- जीपीएम में 66

बिलासपुर जिले के 64 और जीपीएम (GPM) के 2 को मिलाकर कुल 66 चखना दुकानों के लिए एक साथ बड़ी नीलामी आयोजित की गई थी। शहर के चखना सेंटरों में सबसे हाइरेट तोरवा भट्टी के चखना सेंटर का था जिसकी नीलामी 70 लाख रुपये में हुई थी। वही दूसरे नम्बर पर चुचुहियापारा भट्टी के चखना सेंटर की नीलामी 60 लाख रुपये में हुई थी। अन्य मुख्य शहरी क्षेत्र के चखना सेंटरो की नीलामी 25 से 50 लाख रुपये के बीच हुई थी। वही ग्रामीण क्षेत्रो के सेंटरो की नीलामी 5 लाख से 15 लाख रुपये तक हुई थी।यह ठेके की राशि केवल आबकारी विभाग को दी जाने वाली लाइसेंस फीस/बोली की रकम थी।

और 6 लाख की बम्पर छूट के साथ, 18 लाख में बार

2026 की नई आबकारी नीति के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने 7 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों (जैसे रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर) में FL-2 (क) और FL-3 (क) श्रेणी के होटल, रेस्टोरेंट और क्लब बार के लिए लाइसेंस शुल्क 24 लाख रुपये से घटाकर 18 लाख रुपये कर दिया गया । सरकार ने इस फीस में सीधे 6 लाख रुपये की कमी की। इज़के साथ ही लाइसेंस फीस के साथ-साथ न्यूनतम बैंक गारंटी की राशि भी कम की गई है, जिससे नया बार खोलना या पुराना नवीनीकरण कराना सस्ता हो गया है।


अब मार्च 27 में होगा नया टेंडर

सन 2025 में 2025- 2026 और 2026-2027 तक के लिए 2 साल का टेंडर किया गया था, अब नया टेंडर मार्च 2027 में किया जाएगा।

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प्रतिस्पर्धा और ओव्हर कांफिडेंस में लिए गए शहरी क्षेत्र के ज्यादातर शराब दुकानों के चखना सेंटर्स भकारी भड़क लायसेंस शुल्क के कारण बन्द हो गए है, संचालको ने नरेंद्र कर दिया 66 में से 30-32 चखना सेंटर संचालित है, चूंकि सबके लाइसेंस शुल्क अलग- अलग है इसलिए टोटल कितने की आय इससे हो रही तत्काल बता पाना सम्भव नही है।

नवनीत तिवारी

सहायक आयुक्त आबकारी बिलासपुर

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