
विलासपुर अवैध कारोबारियों की हिम्मत तो देखिए। सरकंडा पुलिस कार्रवाई के लिए पहुची तो कबाड़िये ने एसपी से सेटिंग का धौंस दिखाकर पुलिस को ही हड़काने का प्रयास किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छोटे कबाड़ कारोबारियों से अवैध रूप से लोहे का सामान खरीढने वाले कबाड़ कारोबारी को चोरी के सन्देह में 4 टन कबाड़ से भरे मेटाडोर को जब्त कर आरोपी कबाड़ी संतोष रजक को धरदबोचा। जब्त कबाड़ की कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है।

बताया जा रहा कि लंबा माल कमाने वाला कबाड़ कारोबारी संतोष खुलेआम यह कहकर बर्रा रहा था कि वह सबको माल पहुँचा रहा सब सेट है उसका कोई कुछ नही बिगाड़ सकता। इस बात की जानकारी मिलने पर एसपी ने मातहत अफसरों को हड़का कार्रवाई के निर्देश दिये। एसपी के निर्देश पर जब अमला कार्रवाई करने उसके चांटीडीह स्थित कबाड़ दुकान पहुँची तो उसने पुलिस वालों को भी हड़काने की कशिश की जब पुलिस वालों ने पलटवार किया तो वह ठंडा पड़ गया। पुलिस ने जब कबाड़ से भरी मेटाडोर की खाना तलाशी की तोमेटाडोर मे खिड़की दरवाजे और गाड़ियों के पार्ट्स मिले। पुलिस ने जब मेटाडोर में लोड चार टन कबाड़ का बिल व रसीद प्रस्तुत करने कहा तो वह हडबडा गया चोरी का कबाड़ होने के संदेह पर पुलिस ने आरोपी कबाड़ी संतोष रजक को गिरफ्तार कर लिया।


जिन्होंने बढाया उन्हें चमकौव्वल

जग जाहिर है कि नए थानेदार जब थाने का चार्ज लेते है तो पहले कबाड़ नशा और जुआ सट्टा कारोबारियों की क्लास लेकर अपनी बात तय करते है।यही वजह है कि वे खुलकर दबंगई के साथ बिना डर भय के काम करते है।
इन पर कब कसेंगे लगाम
कोनी और चकरभाठा सिरगिट्टी पुराना बस स्टैंड तिफरा खपरगंज समेत शहर के विभिन्न इलाकों में कबाड़ियों के बड़े ठिकाने हैं। पुलिस उनके ठिकानो से पहले भी चोरी का सामान और वाहन के पार्ट्स जब्त कर चुकी है पर पता नही ये कबाड़िये ऐसा कौन सा कम्पनी का शहद वापरते है कि उनका धंधा कभी बन्द ही नही होता।
इसीलिए बढ़ रही चोरियां
नशे की लत और शानो शौकत के चक्कर मे बेरोजगार युवक वाहन और सामान चोरी कर इन्ही कबाड़ियों के पास बेचते है। यहां से इन वाहनों की कटिंग पर पार्ट्स को अलग अलग बेच दिया जाता है। कबाड़िये सब खरीद ले रहे यही वजह है कि खरीददार होने के कफ़न शहर और शहर से लगे इलाको में वाहनों की चोरी और घरों के ताले तोड़ने की वारदात में बढ़ोतरी और पुलिस की खानापूर्ति बेधड़क जारी है।
कबादिए बन गए जेंटलमैन
कबाड़िये और पुलिस की सेटिंग का गए हाल है कि इनकी छत्रछाया में इन कबाड़ियों ने जमीन जायजाद और लक्जरी गाड़ियां बना डाली। वे सोने की चैन और ब्रेसलेट पहन महंगी गाड़ियों में धौस जमाते घूम रहे और उनके खुरचन पानी पर चलने वाले आज भी उसी हालत में है।
धंधा बदनाम
शहर में आज भी ऐसे कबाड़ कारोबारी है नो पुलिसिया पचड़े से बचने लोहै टीने के बजाय पुट्ठा और खाली शीशी बोतल खरीदते है। इनके चक्कर मे उन्हें भी बदनामी झेलना पड़ रहा है।
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