ब्रेकिंग

बाबा भुसरूंग, भवन अनुज्ञा और नियमितीकरण की रहस्यमयी कहानी अफसर नेता सब क्षमादानी

0सन 2021 में नक्शा पास कराया उसकी ड्राइंग अलग थी दुकाने दिखाई गई0

0पास फेल का चला खेल 23 नवम्बर 2024 को नक्शा हो गया एप्रूव्ड

0 फिर कैसे हो गया भवन शाखा अधिकारी के काम्प्लेक्स का नियमितीकरण

0 पेंट हाउस की अनुमति तान दिया लेंटर


0 रजिस्ट्री में 540 वर्गफुट, नक्शा पास हुआ 2940 स्क्वेयर फ़ीट का

निगम के भवन शाखा अधिकारी का गौरवपथ -उसलापुर बाईपास का नवनिर्मित काम्प्लेक्स, पेंट हाउस वाले तल पर ढलवा दिया लेंटर। 25 नवम्बर 2023 को पास हुआ नक्शा फिर कैसे हो गया हो गया नियमितीकरण

बिलासपुर। निगम के भवन शाखा अधिकारी का मंगलाचौक के पास गौरवपथ-उसलापुर बाईपास के कार्नर का नवनिर्मित कोटक बैंक वाले अंडर ग्राउंड पार्किंग और जी प्लस 3 मंजिला काम्प्लेक्स के भवन अनुज्ञा और नियमितीकरण के खेल का झोल किसी रहस्यमय कहानी से कम नही है। उच्चाधिकारी है सेंट्रल और स्टेट के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पोर्टफोलियो वाले मंत्री यही के हैं, पर कोई देखने वाला नहीँ। सवाल एक ही है कि आखिर जेक है किसका ।

ऐसे हुआ नक्शापास-

00 30 दिसम्बर 2021 को पहला नक्शा एप्रूव हुआ। जिसमें 2940 स्क्वेयर फिट एरिया दर्शाया गया है।
00 14 नवम्बर 2023 को फिर प्रक्रिया की गई तब जोन क्रमांक 3 के असिस्टेंट भवन शाखा अधिकारी ने रजिस्ट्री पेपर ओपन न होने पर आवेदन को रिअसाइन कर दिया।
00 16 और 23 नवम्बर 2023 को हेडऑफिस के असिस्टेंट बिल्डिंग अफसर ने साइट का नक्शे और लोकेशन क्लियर न होने पर नक्शे को फिर रोक दिया।
00 25 नवंबर 2023 को खुद बिल्डिंग अफसर ने दोबारा नक्शे को खुद एप्रूव्ड कर दिया।
00 थर्ड फ्लोर में पैंट हाउस का परमिशन लिया पर इस फ्लोर पर भी लेंटर डलवा दिया।
00 रजिस्ट्री पेपर में 540 स्क्वेयर फिट जमीन बताई जा रही, जबकि नक्शे पर 2940 स्क्वेयर फिट दर्ज है।

रजिस्ट्री दस्तावेज में भूखंड एरिया दर्ज है 540 स्क्वेयर फिट

किस्सा नियमितीकरण का

तत्कालीन कांग्रेस गवर्नमेंट ने ऐन विधानसभा चुनाव के पहले बिना अनुमति निर्मित और 14 जुलाई 2022 के पूर्व अस्तित्व में आये भवनों के नियमितीकरण का आदेश जारी किया था जबकि नक्शा 25 नवम्बर 2023 को एप्रूव हुआ फिर इस भवन का नियमितीकरण कैसे और किस आधार पर किया गया ये भी बड़ा सवाल है।


ये है पेंट हाउस

पेंट हाउस बोले तो एक बड़ी सी इमारत के टॉप पर बने आरामदायक बड़े-बड़े कमरों वाले 3BHK और 4 बीएचके फ्लैट से है। पेंटहाउस में जगह कहीं ज्यादा होती है. यही वजह है कि इसे ज्यादातर अमीर लोग ही खरीदते हैं. दरअसल, यह एक बिल्डिंग में सबसे टॉप का फ्लोर होता है, इस वजह से पूरी बिल्डिंग में सिर्फ एक ही पेंटहाउस बन सकता है. इसकी वजह से पेंटहाउस की कीमत अन्य फ्लैट और घरों के मुकाबले काफी ज्यादा होती है.:

फ़ंडा कबूल है का?

नेहरू नगर गणेश चौक- स्वीमिंग पुल रोड पर सड़क तक 3 के नक्शे पट तन गया 6 मंजिला भवन नोटिस के बाद सन्नाटा।


नेहरू नगर गणेश चौक-स्विमिंगपूल रोड पर रोड से लगाकर डॉ राजेश गौतम ने 3 मंजिल की अनुमति पर 6 मंजिल तान दिया। अब या तो उसे पता था कि निगम प्रशासन कुछ नही कर सकता नोटिस देगा और क्या कर लेगा या फिर सब सेटिंग का खेल है। तभी तो भवन शाखा अधिकारी नोटिस देकर शांत बैठ गए। कि कबूल है।


उससे भी ब्लंडर

मस्तूरी रोड पर 2 मंजिल की अनुमति पर तान दिया 3 मंजिल अब भी चल रहा काम । नई सरकार बनने के बाद बिना समिति की बैठक के कैसे हो गया नियमितीकरण

अब मस्तूरी रोड पर देवरीखुर्द मोड़ के पहले के इस तीन मंजिला भवन को देखिए। ये गौरव मोदी का बताया जा रहा जिन्होंने 2 मंजिल का परमिशन ले 3 मंजिल तान दिया। बांस बल्ली लगा दिख रहा इसके बावजूद विधानसभा चुनाव के ठीक बाद नियमितीकरण कर दिया गया। जबकि सरकार बदल गई कोई निर्णय कोई बैठक हुई ही नही। भवन शाखा अधिकारी बता रहे इन्हें भी नोटिस जारी किया गया है।

नई सरकार के गठन के तत्काल बाद 28 दिसम्बर 2023 को कैसे जारी कर दिया नियमितीकरण का प्रमाण पत्र

: शासन को 28 करोड़ की आय तो…


भवन शाखा अधिकारी की माने तो बिना अनुमति निर्मित भवनों के नियमितीकरण के लिए 9500 आवेदन आये थे इनमे से 4900 भवनों को शुल्क लेकर नियमित किया गया जिससे शासन को 28 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ वही चुनाव आचार संहिता फिर सत्ता परिवर्तन के बाद शासन से कोई नया आदेश न आने की बात कहकर 4600 आवेदनों को लटका दिया गया।


नोटिस प्रिंटिंग प्रेस


सरकार बदल गई शासन से कोई नया आदेश आया नही, नियमितीकरण समिति की बैठक हुई नही। फिर नोटिस का प्रिंटिंग प्रेस कैसे खोल दिया गया ये समझ से परे है। अब उन्ही और नए बने भवनों के निर्माताओं को नोटिस भिजवा दफ्तर में पेश होने कहा जा रहा।

इसलिए होता है भवन शाखा

नगर का व्यवस्थित विकास हो इसी दूरगामी सोच और व्यवस्थित बसाहट के प्लानिंग के लिए निकायों में भवन शाखा होता है।  नियम है कि कहा भवन बनाते वक्त किधर कितनी जगह छोड़नी है। पर भवन शाखा अधिकारी ने कही एक इंच जगह नही छोड़ी पूरे जमीन पर तिंमन्जिला भवन खड़ा कर दिया। वे दायित्व पर है इसलिए उनपर जिम्मेदारी भी अधिक है जब वे खुद नियम विरुद्ध निर्माण कर ले रहे तो आमजनमानस से नियम का पालन कराएंगे कैसे ये बड़ा सवाल है।

Author Profile

शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
Latest entries