0 लगाया रकम के लिए शव को रोकने आरोप
0 रविवार रात पूछने पर बताया गया था 90 हजार रुपये


बिलासपुर।पता नही सुपरश्पेसियल्टी के नाम से चर्चित अपोलो हॉस्पिटल ऐसा कौन सा संजीवनी कारक उपचार कर रहा कि एक रात में मरीज के परिजनों को 1 लाख 37 हजार का बिल थमा दी रहा वो भी मरीज की मौत के बाद। इसी को लेकर अपोलो में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ।
मिली जानकारी के मुताबिक महासमुंद के बसना निवासी 61 वर्षीय मरीज को किडनी के स्टोन के उपचार के लिए शनिवार की रात अपोलो में लाकर भर्ती कराया गया। रविवार को डॉक्टर ने परीक्षण कर इलाज शुरू किया। दूसरे दिन सोमवार को परिजनों को जब उनके मौत की सूचना दी और बताया गया कि
ब्लड प्रेशर डाउन होने के कारण वे सीरियस हुए और उनकी डेथ हो गई परिजन सत्र रह गए। इसके बाद परिजनों को 2 लाख 27 हजार का बिल थमा दिया गया। परिजनों ने इस बात को लेकर आपत्ति की कि रविवार की रात तो उन्हें 90 हजार बकाया होना बताया गया फिर सुबह 2 लाख 27 हजार कैसे हो गया रात भर में मृतक का ऐसा क्या उपचार किया गया कि 1 लाख 37 हजार का बिल बन गया जबकि 1लाख 60 हजार रुपये उनसे पहले ही जमा कराया गया। पीड़ित परिवार ने पूरी जानकारी तो दी लेकिन यह कहकर हाथ जोड़ लिया कि उनका नाम और तस्वीरें न प्रकाशित की जाए।
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लीवर से सारे हार्मोन निकलता है मरीज को बचाने हर सम्भव कोशिश की गई। सामान लगता है एफर्ड लगता है। रात में प्रोसीजर होता है उसकी बिलिंग दूसरे दिन होती है। गाड़ी खुलता है तभी समझ मे आता है कि क्या कितना फाल्ट है वैसे ही जांच में पता चलता है कि मरीज के शरीर मे क्या क्या फाल्ट है उसके हिसाब से बिलिंग होती है।
देवेश गोपाल
जन सम्पर्क प्रबन्धक अपोलो हॉस्पिटल
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