
बिलासपुर। पता नही स्वास्थ्य विभाग ने कौन से मरुस्थल का कछुआ पाल रखा है, की पानी ही खतम हो गया। मंगलसूत्र कांड में जहां प्रसूता के पति और चर्चित किम्स प्रबंधन दोनों को दोषी बताकर प्रसूता के पति को कोर्ट जाने की सलाह दी गई है। वही दूसरे तरफ कहा जा रहा कि अभी रिपोर्ट ही नही आई रिपोर्ट आने पर किम्स को नोटिस जारी किया जाएगा जवाब संतोषप्रद न आने पर किम्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस रिपोर्ट और ढुलमुल कार्रवाई के दावे ने सन्देश दे दिया कि मंगलसूत्र ही नही अब इलाज कराना है तो जमीन जायजाद लोटा टठिया सब बेचना पड़ेगा।


ये है मामला
गोड़पारा निवासी निगम के टॉस्क कर्मी कैलाश सोनी ने किम्स प्रबंधन से ईएसआईसी चलेगा यह कन्फर्म करने के बाद अपनी पत्नी रेणु को डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया। गत 4 सितम्बर को ऑपरेशन से बेटे का जन्म हुआ। 2 दिन बाद गत 6 सितम्बर को प्रसूता को बुखार आने के बावजूद यह कहकर डिस्चार्ज कर ईएसआईसी कार्ड एक्सेप्ट न होने की बात कह पैसा जमा करने दबाव बनाया गया तब कैलाश ने आयुष्मान कार्ड भी प्रस्तुत किया पर उसे नकद जमा करने दुर्व्यवहार कर इतना दबाव बनाया गया कि कैलाश को अपने पत्नी के 3 मंगलसूत्र गिरवी रख अस्पताल में रकम जमा करना पड़ा। कैलाश ने जब कहा कि रेणु तो बुखार से तप रही तब उससे कहा गया कि आगे इलाज कराना है तो काउंटर से फिर पेमेंट कर रसीद कटाकर आइये तब आगे इलाज होगा।

तब शुरू हुई जांच


दुर्व्यव्हार से अपमानित निगम कर्मी ने पहले सीएमएचओ कार्यालय फिर कलेक्टर के समक्ष शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर के आदेश पर डॉ गायत्री बांधी के नेतृत्व में 3 सदस्यीय जांच टीम का गठन कर मामले की जांच कराई गई।
लेदेकर जांच रिपोर्ट आई तो रिपोर्ट की प्रति देने कैलाश को 4-5 दिन तक चक्कर कटवाने के बाद लेदेकर रिपोर्ट दी गई।
ये है रिपोर्ट

देश का चुनावी मुद्दा रहा मंगलसूत्र
लोकसभा चुनाव में मंगलसुत्र बड़ा मुद्दा रहा। इस मुद्दे को उठाने वाली भाजपा की देश मे वापसी भी हो गई फिर भी स्टेट गवर्नमेट के ईएसआईसी और भारत सरकार के आयुष्मान योजना के कार्ड को ठुकरा दिया गया।
सीजीडीएनए ने पहले ही जताया था सन्देह
दो ढाई माह बाद भी मॉमले की जांच रिपोर्ट न आने और जांच अधिकारियों द्वारा जिस प्रकार की जानकारी दी जा रही थी सीजीडीएनए ने तब भी सन्देह जताया था कि जब जांच ऐसे डर डर कर की जा थी तो रिपोर्ट आयेगा क्या।
ये उठ रहै सवाल
0 ऑपरेशन से बच्चे का जन्म होने के बाद भी प्रसूता और नवजात शिशु को दो दिन में छुट्टी दे दी गई। क्या ये सही है।
0 पूरी जांच हो गई पर रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख नही है कि प्रसूता को बुखार के बाद भी छुट्टी दे दे गई। क्या
ये उचित है।
0 क्या हॉस्पिटल प्रबंधन के पास ईएसआईसी से सीधे संपर्क की व्यवस्था नही है। क्या ये मरीज के परिजन की जिम्मेदारी है।
0 स्वास्थ्य महकमे के जांच टीम के अफसर पीड़ित कैलाश की शिकायत पर जांच कर रहे थे क्या किम्स प्रबंधन की शिकायत पर।
0 जब रिपोर्ट आई ही नही तो सीएमएचओ किस आधार पर आवेदक को कोर्ट जाने और चर्चित किम्स प्रबंधन को नोटिस जारी करने की बात कह रहे है।
0 3 माह में कहा गए कहूं नही काय लाय कछु नही टाइप आया रिपोर्ट
0 विधायक सुशांत की तल्ख नाराजगी के बाद भी मंगलसुत्र कांड में स्वास्थ्य विभाग का ये रवैया
क्या कह रहे जिम्मेदार-
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