
बिलासपुर। गवर्नमेंट ने एफसीआई के आवंटन को देखते हुए 3 साल बाद फिर संग्रहण केदो पर धान रखने का निर्णय लिया है। इधर खरीदी केन्द्रों में उठाव ना होने के कारण धान के बोरियों के ऊंचे-ऊंचे छल्ले लगे हैं।


जिससे केदो में परेशानी हो रही है इधर जिला विपणन अधिकारी शंभू प्रसाद का कहना है कि 7 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले इस साल अभी तक 4 लाख 50 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, अब तक 58 प्रतिशत धान खरीद चुके हैं इसमें इसमें से 50% का उठाव हो चुका है इसके अलावा परडे खरीदे जा रहे धान का भी नियमित उठाव कराया जा रहा है , शुरुआत में जरूर मिलरो, समिति प्रबंधको और ऑपरेटरों के हड़ताल के कारण धान का उठाव प्रभावित हुआ था लेकिन हड़ताल खत्म होने के बाद लगातार खरीदी केंद्रों में गाड़िया लगवाकर ट्रांसपोर्टर धान का उठाव करा रहे है वे मिलो और संग्रहण केदो में धान भेज रहे है, उन्होंने कहा कि संग्रहण केदो में धान खराब होने का सवाल ही नहीं है स्टेक सिस्टम बना हुआ है उसके हिसाब से धान को रखा जा रहा है जिससे धन के खराब होने की संभावना बिल्कुल नहीं है



