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चिनाय सेठ वाला किस्सा हो गया कांग्रेस में, उस समय के नगर विधायक को निबटाने की चाल चलने वाले 5 साल बाद खुद पड़ गए संकट में

बिलासपुर। कहते है समय सबका आता है। तभी तो कांग्रेस के जिन नेताओ ने 5 साल पहले तत्कालीन जिला अध्यक्ष के कंधे पर बंदूक रख उस समय के नगर विधायक को अनुशासनहीनता का कुचक्र रच पार्टी से बाहर निकालने जोर आजमाइश किया आज खुद उनके ऊपर अनुशासन की तलवार लटक रही।


सन 2019 में वक्त है बदलाव के नारे के प्रभाव में आकर प्रदेश की जनता ने 15 साल तक राज करने वाले तत्कालीन डॉ रमन सरकार पर अविश्वास कर कांग्रेस को जिताया। छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद कांग्रेस की वापसी हुई प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनी। तो संगठन के अध्यक्ष भी बदल दिए गए। उस समय संगठन पर हावी गुट ने
सिम्स में एक मरीज की मौत के मामले में मचे बवाल के बाद विधायक ने प्रदेश सचिव के खिलाफ झूठा मामला दर्ज होने के विरोध में सिविल लाइन थाने के घेराव कर प्रदर्शन किया।
उस समय कांग्रेस के दूसरे गुट ने इसे अनुशासनहीनता बता उस समय के नगर विधायक को पार्टी से निकाल बाहर करने का प्रस्ताव पारित करा इसकी अनुशंसा पीसीसी चीफ को भेजी थी। सियासत है 5 साल बाद पासा पलट गया अब दूसरा गुट हावी है! जो संगठन का दायित्व सम्हाल रहे है!
निकाय चुनाव में मिली पराजय के बाद कांग्रेस में घमासान मचा है। अध्यक्ष द्वय ने एक वर्तमान विधायक के दो करीबी पदाधिकारियों समेत 6 लोगो को निकाय चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के बजाय निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए काम करने के आरोप में जैसे ही पार्टी से
6 साल के लिए निकाल बाहर करने का फटाखा फोड़ा बवाल मच गया। आरोप है कि विधायक ने इसको लेकर अध्यक्ष द्वय को पूर्व डिप्टी सीएम की मौजूदगी में न सिर्फ हड़काया बल्कि उनके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी भी की जिससे सियासी पारा और चढ़ गया।

अध्यक्ष द्वय ने मीडिया के समक्ष विधायक के इस व्यवहार की अमर्यादित करार देते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायत पर भितरघातियों को पार्टी से निष्कासित करना गलत है। क्या विधायक की संगठन के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी उचित है। शहर एवं जिलाध्यक्ष ने पीसीसी चीफ और राष्ट्रीय नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रेषित कर
इस अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण प्रदर्शित करने वाले उस विधायक को पार्टी से निकाल बाहर करने अनुशंसा की है। अब देखना होगा कि राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व विधायक के खिलाफ क्या एक्शन लेता है।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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