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दुर्भाग्य न्यायधानी का, आजादी के 69 और राज्य स्थापना  के 25 साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिला और सम्भागीय मुख्यालय का खुद का भवन तक नही, क्षेत्रीय परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र के जर्जर उजाड़ परिसर में संचालित है सीएमएचओ और जेडी दफ्तर

बिलासपुर। दुर्भाग्य है बिलासपुर का जहाँ आजादी के 69 साल भी खुद का ज्वाइंट डायरेक्टर और सीएमएचओ कार्यालय तक नही है।

जबकि राज्य गठन के बाद इन 25 सालो में लगभग सभी नए जिलो में इनके अलग कार्यालय भवन हो गए है।

यहां सरकण्डा नूतन चौक के पास क्षेत्रीय परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र परिसर में स्वस्थ्य विभाग का सम्भागीय और जिला मुख्यालय क्षेत्रीय परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र परिसर में दड़बे जैसे छोटे और जर्जर जगह में संचालित है। वो भीं तब अपने जिले शहर से एक नही बल्कि 4-4, 5-5 स्वास्थ्य मंत्री रहे। सन 1956 में बिलासपुर, सरगुजा और रायगढ़ जिले को शामिल कर बिलासपुर संभाग का गठन किया गया था। तब से यहां संयुक्त संचालक स्वास्थ सेवाएं के ज्वाइंट डायरेक्ट और सीएमएचओ कार्यालय अलग- अलग किराए के परिसरों और फिर यहाँ परिवार प्रशिक्षण केंद्र परिसर में संचालित है।

ये तस्वीरे जर्जर उजाड़ पडे जेडी ऑफिस की है जिसके अधीन ,बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, गौरेल्ला – पेंड्रा – मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ति, सारंगढ़- बिलाईगढ़ समेत 8 जिले आते है, इन 8 जिलों का ये सम्भागीय दफ्तर है, जहां का छज्जा और फाल सीलिंग गिरने के कारण जेडी सीएमएचओ कार्यालय के एक कोने के कमरे में बैठते है। वही स्टाफ जान जोखिम में डालकर अपनी नौकरी बजाने विवश है। न तो जेडी के खुद के ऑफिस की व्यवस्था है और न उनके आवास की बजट फंड भी ठनठन गोपाल हैं, इसलिए गाड़ी भी खुद की दौड़ानी पड़ रही है।
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ये दूसरी तस्वीर इसी परिसर के सीएमएचओ कार्यालय की है जो चारो तरफ कबाड़ गाड़ियों, झाड़ियों और जर्जर उजाड़ पड़े स्टाफ क्वार्टर से घिरा है।
बताया जा रहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय को फिर पत्र भेजकर इसी परिसर में पर्याप्त जगह होने का हवाला दे यहां इसी परिसर में पृथक पृथक जेडी और सीएमएचओ कार्यालय के निर्माण का प्रस्ताव जमीन के दस्तावेज और पूरी प्लानिंग के साथ भेजा गया है।
उम्मीद है कि इसी सरकार में जेडी कार्यालय, जेडी आवास, सीएमएचओ कार्यालय और सीएमएचओ आवास को मंजूरी मिल सकेगी।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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