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4 करोड़ का जोरा तालाब रखरखाव के अभाव में मैला गड्ढा में तब्दील, आसपास के रहवासियों का मच्छर और बदबू से जीना हुआ मुहाल, मार्निंग वाकर मुँह में रुमाल बांध कर रहे वॉक

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बिलासपुर,,,, 4 करोड़ की लागत से सरोहर धरोहर योजना के तहत उन्नय्यित अरपापार का जोरा तालाब रख रखाव और साफ सफाई के अभाव में मैला गड्ढा में तब्दील हो गया है! गंदगी बदबू और मच्छरों की फ़ौज से यहाँ आसपास के रहवासियों में डेंगू मलेरिया और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है! वही मार्निग वाकर्रों को मुह पर रुमाल बांध कर चहल कदमी और एक्सरसाइज करना पड़ रहा है!

ये तस्वीरें अरपापार सीपत रोड से लगे, जोरापारा तालाब की है!छत्तीसगढ़ शासन ने शहर के जल स्तर को बनाये रखने सरोहर धरोहर योजना के तहत शहर के तालाबो का उन्नयन कराया था! करोड़ो रूपये ख़र्च किये गए! पर इनके रखरखाव का प्रबंध नही किया गया! नतीजतन तामझाम के साथ लोकार्पित कराये गए इस तालाब के लाइटिंग, फव्वारे, पाथवे और रिटेलिंग वाल के चारो तरफ के पाइप तक असमाजिक तत्व उखाड़कर ले गए।और 4 करोड़ की लागत से सौन्दर्यीकृत यह तालाब मैला गड्ढा में तब्दील हो गया है!

नाले नालियों के बदबूदार पानी के तालाब में जमा होने से यहां मच्छर और गंदगी का आलम है! आसपास के लोगो का मछरों के आतंक के कारण यहाँ जीना मुहाल है!
पाथवे जगह जगह से उधड़ धस गए है! तालाब के रिटेलिंग वाल के चारो तरफ से लोहे के पाईप गायब है! बिजली के खम्भे और बच्चों के खेलने का एरिया टूट फुट कर क्षतिग्रस्त हो चुका है!

कमोबेश यही हाल तारबाहर के डीपूपारा तालाब का है। जतिया तालाब में भी नाले- नालिगो का गन्दा पानी भरने से जनस्वस्थ्य का खतरा मंडरा रहा है। वही बर्बाद हो चुके तोरवा हेमूँनगर के बंधवा तालाब को पुनः 4 करोड़ की लागत से सौन्दर्यीककृत कराकर एक ठेका कम्पनी को रखरखाव की जिम्मेदारी देने के कारण ये तालाब कुछ ठीक है।

मयंक पाण्डेय, स्थानीय निवासी
उपेंद्र कुमार कश्यप

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