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न पुलिस का डर न कानून का खौफ, यूपी, एमपी की तर्ज पर रेत माफिया यहां भी करने करने लगे खूनी संघर्ष, लमेर घाट में गोलीकांड, एक घायल

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बिलासपुर। आखिकार एमपी यूपी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के न्यायधनी में भी रेत के लिए गोली चलनी शुरू हो गई। जिले के कोटा थाना क्षेत्र के लमेर घाट में अवैध रेत खनन को लेकर रेत माफियाओं के बीच खूनी संघर्ष की खबर है। विवाद का कारण रेत घाटों पर वर्चस्व बनाना है, पैर में गोली लगने से घायल युवक को उपचार के लिए बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायल

मिली जानकारी के अनुसार, गोली लगने से घायल युवक गिरजाशंकर उर्फ दीपक यादव पिता मनीराम यादव, ग्राम लमेर का ही रहने वाला है।
बताया जा रहा कि लमेर घाट में पिछले कुछ समय से वर्चस्व को लेकर रेत माफियाओं के दो गुटों के बीच रार चल रही थी। जो बुधवार को हिंसक झड़प में बदल गई। विवाद के दौरान एक पक्ष ने फायरिंग कर दी, जिससे गिरजाशंकर यादव को गोली लगी है। घटना के पीछे अवैध रेत कारोबार में संलिप्त एक संगठित गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस पर लग रहे मामले को दबाने आरोप

खनिज विभाग पिछले एक साल से रेत घाटों का ठेका नहीं करा पाया है, जिसके चलते शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी रेत माफियाओं की सक्रियता बढ़ गई है। बिना रॉयल्टी और पर्ची के रेत निकासी का खेल धड़ल्ले से जारी है। घाटों पर वर्चस्व की लड़ाई थी जो गोलीबारी तक पहुँच गई ।बताया जा रहा कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घायल युवक का हालचाल जानने निजी अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन मीडिया के किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। तभी तो घायल युवक को सिम्स या जिला अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया,

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