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*16 जून को शाला प्रवेशोत्सव के साथ खुलेंगे स्कूलों के पट, डेढ़ महीने बाद वीरान स्कूलों में फिर होगी रौनक, कलेक्टर ने अफसरों की बैठक लेकर की तैयारियों की समीक्षा

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0बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों का होगा सम्मान*

0स्कूल परिसर से अतिक्रमण और गुटखा पाउच के दुकान हटाने निर्देश

*0सामाजिक जिम्मेदारी के लिए बच्चों को तैयार करना शिक्षा का मुख्य लक्ष्य

*बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्कूलों मे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर 16 जून को शाला प्रवेश उत्सव आयोजित करने निर्देश दिए वे प्रार्थना सभा कक्ष में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यो की बैठक लेकर स्कूलों के हालात और उत्सव की तैयारियों का जायजा ले रहे थे।

कलेक्टर ने स्कूलों की साफ – सफाई व बच्चों के स्वागत के लिए जनसमुदाय की भागीदारी के लिए सभी को आमंत्रित कर माहौल बनाने, नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर न्योता भोज कराने, बच्चों के सर्वांगीण विकास में योगदान देने के लिए शिक्षकों को मोटिवेट करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों के आदर्श होते हैं। कलेक्टर ने बच्चों की रुचि के मुताबिक उनकी प्रतिभा की पहचान कर उसे बढ़ाने में मदद करने, उन्होंने मिशन 90 बोर्ड परीक्षा के परिणाम में बढ़ोतरी होने और100 प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों की रणनीति की सराहना कर ऐसे प्राचार्यों को सम्मानित करने डीईओ को निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षक केवल नौकरी नहीं करते वे देश के भविष्य के लिए अगली पीढ़ी तैयार करटबहै। शिक्षकों में बहुत ताकत है वे समाज में बदलाव के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के जिले के 2 हजार 530 शासकीय और निजी स्कूलों में 4 लाख 12 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं। जिनके भविष्य की बागडोर आपके हाथ मे है।

एक पेड़ मा के नाम


कलेक्टर ने स्कूल परिसरों में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत हर बच्चे से अपने मां-बाप के नाम पर पौधा लगावाने और उनकी देखरेख के लिए उन्हें प्रेरित करने शाला त्यागी बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करने, मध्यान्ह भोजन की बिना पढ़ाई प्रभावित किये व्यवस्था बनाने, शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान देने,
जर्जर स्कूलो में बच्चों को नहीं बिठाने, चिरायु योजना के तहत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने, शाला प्रवेश के साथ ही हर बच्चे का जाति सर्टिफिकेट बनाने, इसके लिए सभी प्राचार्यो को आईडी प्रदाय करने, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से स्मार्ट क्लास की व्यवस्था बनाने।
नई शिक्षा नीति के तहत रोजगार परक व्यावसायिक शिक्षा पर फोकस कर बच्चों को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने प्रयास करने, स्कूल परिसरों के आसपास से नशाखोरी के सामान विक्रय करने और अनाधिकृत कब्जा करने वालो को हटवाने। योजनाओं और जरूरत के हिसाब से स्कूल परिसर में अपने घरों की तरह गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर ध्यान देने, बच्चों के खेलकूद के लिए
ग्राउंड की व्यवस्था बनाने निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर ने बिल्हा के शिक्षकों द्वारा तैयार शाला प्रवेश उत्सव पर आधारित एक लघु फिल्म भी लॉन्च किया।

अब सब जगह शिक्षक

जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी बैठक को संबोधित किया। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षक विहीन या शिक्षकीय नहीं है। सभी जगह व्यवस्था बना दी गई है अब आपकी जिम्मेदारी है कि मन लगाकर शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करते हुए पढ़ाई कराएं। उन्होंने बिना स्कैनिग के पाठयपुस्तकों का वितरण न करने और अपने अपने स्कूल सील किताबो पर लगाने, पिछले साल की पुस्तकें न बांटने हिदायत दी। इस अवसर पर सहायक संचालक पी दासरथी, अधिकारी संदीप चोपड़े, आनंद पाण्डेय, रामेश्वर जायसवाल तथा सभी ब्लॉक के बीइओ, बीआरसी, प्राचार्य मौजूद रहे।

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