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कईं बार एक्सटेंशन देने के बाद भी 6 साल में ठेका फर्म नही बना सका अरपा का बैराज, फिर वही लेटलतीफी और लागत बढ़ने का फ़ंडा, कोई दोषी नही सरकार को भेजा गया अतिरिक्त राशि मांगने प्रस्ताव

बिलासपुर। सरकार बदल गई पर अरपा पर निर्माणधीन बैराज आज भी पूरा नही हो सका। कई बार एक्सटेंशन देने के बाद भी ठेका फर्म ने काम पूरा नही किया। लागत भी बढ़ गई इसके बावजूद सबंधित ठेका फर्म पर कार्रवाई करने के बजाय शासन को रिवाइज स्टीमेट भेजा गया है। जिससे एक बार फिर जलसंसाधन विभाग के अफसरों और ठेकेदार के बीच मिली भगत कर लागत बढ़वाने का खेला सामने आ गया है। क्योंकि समय पर काम हो गया तो लागत थोड़े न बढ़ेगी।

कांग्रेस शासनकाल के दौरान अरपा नदी पर शिवघाट-कुदुदंड सर्किट हाउस रोड और जूना बिलासपुर पचरीघाट- चांटीडीह सब्जी मंडी के बीच दो बैराज का निर्माण शुरू कराया गया, कई तमाशे सामने आए, घटिया सरिया के उपयोग और कबाड़ के छड़ को वेल्डिंग कराकर बैराज बनाने के आरोप लगे शिकायते हुई, बिल का भुगतान न करने पर जलसंसाधन के कार्यपालन अभियंता का ठेका फर्म द्वारा ट्रांसफर कराने समेत तमाम तरह के किस्से सामने आए।

कईं बार ठेका फर्म को कार्य पूर्ण करने एक्सटेंशन ढिया गया, फिर भी बैराज का काम ठेका फर्म ने आज तक पूरा नही किया। नतीजतन पचरीघाट- चांटीडीह बैराज के अधूरे पड़े बैराज की लागत बढ़ गई, न ठेकेदार दोषी न अफसर वही लागत बढ़ने का फ़ंडा हो गया, जब कोई दोषी ही नही तो किसी पर कार्रवाई का सवाल ही नही उठता, इसलिए नतीजतन अब शासन को अधूरे पड़े बैराज के कार्य को पूर्ण कराने शासन को रिवाइज्ड स्टीमेट भेजकर अतिरिक्त फंड की मांग का प्रस्ताव रखा गया है।

पर दावा है कि इस बारिश में लगभग पूर्ण हो चुके कुदुदंड- सरकण्डा शिवघाट बैराज का गेट बंद कर अरपा के पानी को रोका जाएगा।

गौरतलब है कि तत्कालीन भूपेश सरकार ने शहर के साल दर साल गिर रहे भूगर्भ जलस्तर के गिरावट को नियंत्रित करने और अरपा को स्वच्छ और सुंदर बनाकर नदी में 12 रो मासी जलभराव की व्यवस्था बनाने के लिए ये पहल की थी, सरकार बदल गई भाजपा की सरकार बने ढाई साल हों गए पर ठेका फर्म अब लागत बढ़ने के कारण काम कराने हाथ खड़ा कर अतिरिक्त राशि मांग रहा है।

   पर मौके से जिस तरह की खतरनाक तस्वीरे आ रही है, वह बेहद चिंतनीय है, रपटा में जाम लगने या ट्रफिक पुलिस द्वारा रपटा के पास चेकिंग अभियान चलाने पर लोग इस तरह जान जोखिम में डालकर इस तरह इसी अधूरे और खतरनाक बैराज से आवागमन करते है।

संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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