
0 संसाधन नहीं तो काम नहीं” के लगाए नारे

0 28 को जिला, 29 संभाग और 30 को करेंगे राज्यस्तरीय प्रदर्शन
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने संसाधन नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 3 दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन पर बैठे तहसीलदार और नायब तहसीलदारो ने संसाधनों की कमी, पदोन्नति एवं संरचनात्मक सुधार की मांगों की अनदेखी के विरोध में मुंगेली नाका चौक के मैदान में टेंट गाड़ धरना दिया।
तय कार्यक्रम के तहत 28 जुलाई से प्रदेश के सभी जिलों में धरना देकर प्रदर्शन किया। दुसरे दिन 29 जुलाई को संभागस्तरीय और 3 रे दिन 30 जुलाई को राज्यस्तरीय
धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने बताया कि शासन-प्रशासन को कई बार इन मांगों से अवगत कराया जा चुका परन्तु ठोस पहल न होने पर
राजस्व अधिकारियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। संघ ने बताया कि इस आंदोलन का उद्देश्य केवल अपने हितों की सुरक्षा नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ कर संसाधनों की पूर्ति व प्रशासनिक सहयोग प्राप्त करना है।
ये है प्रमुख मांग
0डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति के अनुपात को पूर्व की भांति 50:50 करना।
0 पूर्व मांग व घोषणा अनुसार नायब तहसीलदार के पद को राजपत्रित का दर्जा देने,
0 सभी तहसीलों में स्थायी स्टाफ , शासकीय वाहन, ड्राइवर एवं ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने,
0 न्यायिक मामलों में न्यायिक अधिकारी संरक्षण अधिनियम का अनुपालन करने सहित 17 सूत्रीय मांगें रखी गई है।



