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बिना प्लानिंग बनाए गए फल मंडी का तुर्रा भी हुआ फेल, मंडी वीरान सड़कों पर लग रहे फलों के ठेले रोज लग रहे जाम से आमजन परेशान….

0 मीडिया के जगाने पर जाग रहा निगम अमला, कार्रवाई के बाद फल ठेले वाले फिर सड़क पे

0 कह रहे कारोबारी इंजीनियरो के फौज वाले निगम प्रशासन के गलत और अधूरे निर्माण की मार झेल रहे हम

बिलासपुर,,, अतिक्रमण कार्रवाई के नाम पर निगम का अमला बेगारी और उगाही कर रहा है! अमले के जाते ही कारोबारी फिर सड़क पर ठेले और फ़ुटपाट पर शो रूम सजा ले रहे है!

इन तस्वीरों में आप खुद देखिए कि कैसे आधी अधूरी और गलत प्लानिंग के चलते लाखों का फल मंडी वीरान पड़ा है! जिस सड़क बाधा को दूर करने के लिए इतना खर्चा और ताम झाम करके वाहवाही लूटी गई, वे ठेले आज भी सड़क पर खड़े है! और यातायात रह रह कर जाम होता है!
गत 18 दिसम्बर 2024 को निगम प्रशासन ने शनिचरी रपटा और बिलासा चौक के पास निर्माणाधीन सड़क के किनारे खाली प्लाट पर 38 लाख की लागत से फल मार्केट का निर्माण करा नगर विधायक अमर अग्रवाल से इसका लोकार्पण कराया था!


इस फल मार्केट का उद्देश्य सड़कों पर ठेले लगाकर यातायात को बाधित करने वाले फल कारोबारियों को 1 जगह बाजार देकर शनिचरी की सड़कों पर लगने वाले जाम को नियंत्रित करना था! पर आज भी फल ठेले वाले सड़क पर ही ठेला लगाकर कारोबार कर रहे है! 38 लाख का फल मंडी वीरान पड़ा है!
सोमवार को CGDNA की टीम ने जब जोन क्रमांक 5 के जोन कमिश्नर प्रवेश कश्यप से इस संबंध में चर्चा की तो उन्होंने अमला भेज करवाई कराई, अमले के शनिचरी पहुंचते ही भगदड़ मच गई, फल ठेले वाले जप्ती और करवाई के भय से बाजार से लगी गलियों में ठेला लेकर घुस गए तो कुछ लोग शनिचरी के फल कारोबारी के दुकान के पीछे गोदाम में ठेला लेकर घुसे रहे, अमले की फटकार के बाद कुछ फल और ठेला कारोबारियों ने तो फल मंडी में अपना कारोबार जमा लिया वही अमले के जाते ही गलियों और अपने फल मालिक के दुकान के गोदाम में छिपे फल कारोबारी फिर ठेला लेकर सड़कों पर आ गए, जिससे जाम की स्थिति रही!

फाल्ट निगम की योजना में ही

यहां के फल कारोबारियों की माने तो इसमें पूरा फाल्ट निगम के इंजीनियरों की फौज और ठेकेदार का है! निगम के योजनाकारों ने यहां 120 फल कारोबारियों के लिए चबूतरे का निर्माण करा 109 ठेला कारोबारियों को यहां चबूतरे आबंटित किए है! जबकि शनिचरी में 2 से 250 ठेला कारोबारी है! ऐसे में जगह पूरी न पड़ने का कारण कारोबारी सड़क पर फल बेचने ठेला लगाते है!

रोज आ रहे है नए ठेला वाले

शहर में ज्यादा तर ठेले वाले दीगर प्रांत के है! जो यहां कारोबार जमने के बाद अपने मामा, फूफा, चाचा, ताऊ, भाई, भतीजों को भी ले आ रहे है! यहां के बड़े कारोबारी उन्हें मजदूरी पर फल और ठेला दे रहे है! जिसके कारण शनिचरी बाजार सहित पूरे शहर में ठेला कारोबारियों की भरमार हो गई है!

एक और यूनिट मचा रहा अति

स्वक्षता सर्वेक्षण में दूसरा स्थान प्राप्त करने के बाद निगम के अफसर और अमला उत्साह में है! एक और यूनिट बस में निकलकर दुकानदारों से बदसलूकी कर रही है! और मनमाने रकम की मांग कर रही है! 2 _ 2 हजार के चालान काटे जा रहे है! वो भी दुकान के सामने गाड़िया खड़ा करने पर दुकानदारों का कहना है! कि उनकी दुकाने 40-50 साल पुरानी है, ये गाड़िया ग्राहकों की है! फिर उनसे क्यों चालान काटा जा रहा और बदसलूकी की जा रही है! हम प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे है! दुकान के बाहर और अंदर अपने खर्चे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए है! पार्किंग व्यवस्था बनाना निगम प्रशासन और यातायात पुलिस का काम है! तो फिर वे दोषी क्यों उनसे क्यों 2-2 हजार का चालान काटा जा रहा है…

कमला प्रसाद साहू, फल कारोबारी
गणेश गिरी गोस्वामी, फल कारोबारी
विजय देवांगन, फल कारोबारी
प्रवेश कश्यप, जॉन कमिश्नर, जॉन क्रमांक 5

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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