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ई है बिलासपुर नगरिया तू देख बबुआ, स्मार्ट सिटी की जिक जैक सड़के, बिन लागत के घरों- घर पानी और सड़को पर पसरी गाये

बिलासपुर। न्यायधानी और स्मार्ट सिटी के बरदान वाले महानगर के रंग देखकर शहरवासी तो शहरवासी आसपास के जिलों और प्रदेश से आने वाले आगन्तुक सभी भी दंग है। कही कमर तक पानी भरा है सड़के दरिया और घर स्विमिंग पूल में तब्दील है तो कही जिकजैक ऊधडी धंसी गड्ढेदार सड़को का रोमांच है, तो कही सड़को पर पसरे मवेशियो से टकराकर घायल होते मरते लोग और विकास के लिए फंड की कमी न होने का हुकारु देने बाले नेता व खरतर अफसर ये तस्वीर है प्रदेश के सबसे बड़े दूसरे शहर बिलासपुर का।

शहर की लगभग सारी सड़कें बदहाल पड़ी है, सम्भवतः ऐसा पहली बार हुआ होगा जब विधान सभा चुनाव हुए, लोकसभा की हुई फिर नगर निगम के चुनाव भी हो गए पर सड़को पर नवीनीकरण का काम नही हुआ, इससे पहले चुनाव के पहले सीवरेज प्रोजेक्ट को बन्द कराकर बदहाल की गई सड़को को चकाचक कर दिया जाता था, सड़के लाइटों से जगमग हो जाती थी पर इस बार शहरवासी इन सुखों से वंचित हो गए कोई सड़के नही बनी जिससे बारिश के बाद सड़को का और हाल बेहाल हो गया, ये सड़क है शहर के मुख्यमार्ग- गांधी चौक जुनाबिलासपुर की…

गांधी चौक- जुनाबिलासपुर रोड

संकट ये ही नही बारिश पूर्व सफाई का भी डिंग धरातल पर आ गया, नाले- नालियों की सफाई हुई नही, 5-5,6-6 फ़ीट के नाले- नालियाँ पानी निकासी के लिए बनवाई गई, कई का तो पता नही कहा से आरही जा कहा रही, जिससे निकासी हो रही उनमें गले तक मलबा भरा है, नतीजतन बारिश पा पानी दिशा बदल सड़को पर दरिया की तरह बहने लगी बस्ती की सड़कें गलियो और घरों में कमर तक तो कही घुटने तक पानी भरा रहा, लोग सड़कों पर ट्यूब लेकर तैरते दिखे…



सड़को पर पसरे मवेशी


ये तस्वीरें मोपका शहरी गोठान से चंद कदम दूर राजकिशोर नगर श्री शनि साईं धाम के सामने पर है, इन तस्वीरों में आप खुद देखिये कैसे एक नही एक के बाद एक मवेशियों के 3 झुंड सड़क पर पसरे है, वाहनधारक सर्कस की तरह यहाँ से बच बचाकर निकलते दिखाई दे रहे है…

कह रहे लोग

सीजीडीएनए ने पिछले दिनों सड़को पर पसरे मवेशियों के झुंड और इसके कारण हो रहे हादसों को लेकर आमजनों से चर्चा की,, सभी ने खुलकर इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सुझाव भी दिए सीजीडीएनए ने उनके सुझावों को शासन-प्रशासन तक पहुँचाया भी इसके बाद भी मवेशियों के उचित प्रबन्धन के लिए कोई पहल नही हुई। ये आये सुझाव…

0 सरकार गौ सेवको को जमीन और फंड मुहैया कराए ताकि गायों का उचित संरक्षण हो सके।

0 सरकार गोबर् और गोबर से बने उत्पाद को बढ़ावा देने फंड और बेरोजगारों को प्रोत्साहन दे ताकि इससे रोजगार का सृजन हो सके,

0 गौ पालको को प्रोत्साहित करने ठोस योजना बनाने

0 मवेशियों के 24 घण्टे हॉस्पिटल और डॉक्टर की व्यवस्था करने।

0 सड़को पर उत्पात और दंगल मचा आमजन की सम्पत्ति को क्षति से बचाने नंदी बाबा और घायल बीमार मवेशियों को रखने अलग गोठान बनाने। सुझाव आये …

कुत्तो की नसबन्दी फेल ?

करोड़ो फूंक डाले पर कुत्तों के बधियाकरण तक मे फेल हो गए चर्चा है कि कुत्तों की नसबन्दी ही फेल हो गई, तभी तो शहर के विभिन्न इलाकों में पिल्ले सड़को पर फिरते दिखाई दे रहे,

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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