0 कहा साइंस कॉलेज मैदान में ही होगा पारम्परिक आयोजन
0 दूसरी पार्टी का आबंटन निरस्त कर प्रशासन


बिलासपुर। जिला प्रशासन होश में आओ तानाशाही नही चलेगी जय जय श्री राम, ये झगड़ा है रावणी जिसके लिए अरपांचल मंच ने कांग्रेसजनों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। और साइंस कॉलेज मैदान के आबंटन को निरस्त कर अरपांचल मंच को दशहरा महोत्सव के लिए आबंटित करने की मांग कलेक्टर के समक्ष रखी।
रावणी विवाद की सियासत ने जिला प्रशासन के लिए टँटा खड़ा कर दिया है, दरअसल पिछले कई सालों से अरपांचल मंच द्वारा दशहरे पर साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है, आरोप है कि इस वर्ष प्रशासन ने मंच द्वारा पूर्व से आवेदन करने के बावजूद ये मैदान दूसरे सन्गठन को आबंटित कर दिया, जिससे फिर से न्यायधानी में रावणी रावणी विवाद और इसको लेकर सियासत गरमा गई है,
पिछले दिनों मंच के पदाधिकारियों ने सिधांशू मिश्रा के नेतृत्व में बिलासपुर प्रेस क्लब में मीडिया के समक्ष इसको लेकर प्रेस वार्ता कर चेतावनी दी थी कि मंच का रावण साइंस कॉलेज मैदान में ही दहन किया जाएगा चाहे कुछ भी हो उन्होंने इसको लेकर कोर्ट और जेल तक जाने का ऐलान भी किया था…
सोमवार को फिर सिधांशू मिश्रा ने कांग्रेसजनों के साथ प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट का घेराव किया, कांग्रेसजनों ने कलेक्ट्रेट के गेट के सामने धरना देकर शासन- प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्टर को ज्ञापन सौंप मैदान के आबंटन को निरस्त कर मंच को पारंपरिक दशहरा महोत्सव के लिए मैदान आबंटित करने की मांग की।
लगा जाम आमजन वकील सब हलाकान
मंच और कांग्रेसजनों के जंगी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों के सड़क पर बैठकर धरना देने के कारण यहां जाम लग रहा जिसके कारण आमजन अधिवक्ता सब परेशांन रहे।
रावण दहन के लिए पहले भी हो चुका आंदोलन
शहर में रावण दहन को लेकर विवाद कोई नया नही है, पूर्व मेयर वाणी राव के कार्यकाल में भी पुलिस लाइन में रावण दहन को लेकर पूर्व में भी बवाल हुआ था, उस समय स्टेट में भाजपा और बिलासपुर नगर निगम में कांग्रेस की सरकार थी, वाणीराव मेयर थी।



