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बिलासपुर -छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से लगे ग्राम पंचायत कछार में बुधवार को रेत घाट के लिए आयोजित जनसुनवाई का प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में पांच गांवों के गर्मिनो ने एकजुट होकर खुल्ला विरोध किया और दो टूक कह दिया कि “हमारे गांव की रेत हमारे ही हक में रहनी चाहिए, ठेकेदारों के माफिया राज को अब नहीं सहेंगे”… ग्रामीणों के इस रुख ने जहां प्रशासनिक अफसरों को संकट में डाल दिया वहीं माफिया इसका तोड़ निकालने जुट गए… अब सवाल यह उठ रहा कि प्रशासन जनसुनवाई में आई पब्लिक की नाराजगी का लिहाज करेगी या माफियाओं के तोड़ से कोई मोड़ निकालकर इस विवादित घाट को माफियाओं को सौप देगी क्योकि जनसुनवाई में जनता की आवाज और गरज को कैसे दरकिनार किया जाता है, पब्लिक…सब जानती है।


भीड़ इतनी आक्रोशित और विरोध में थी कि खबरीलाल की रिपोर्ट पर प्रशासन को मौके पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया ताकि जनसुनवाई में कोई तनाव कोई अप्रिय स्थिति निर्मिय न हो, अतिरिक्त कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस के जवान पूरे समय तैनात रहे। जैसे ही रेतघाट की बात शुरू हुई, ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी बात रखते हुए चेतावनी दे दी कि
वे अपने घाट को बाहरी ठेकेदारों के हवाले नहीं करेंगे, प्रशासन रेत माफियाओं के बजाए घाट को पंचायत को दे, ताकि गांव का विकास हो, ग्रामीणों को इससे रोजगार मिले और वे आत्मनिर्भर हो।जिससे माहौल जनांदोलन जैसा हो गया। गांव की महिलाएं, बुजुर्ग, नौजवान सबने एकजुट होकर एक ही मांग रखी कि गुंडागर्दी बर्दास्त नही करेंगे, घाट पंचायत को सौंपा जाए। प्रशासन के रवैये और पूर्व के अनुभव के आधार पर ग्रामीणों ने मंचस्थ प्रशासनिक अफसरों के समक्ष कहा कि पूरा गांव ठेके के खिलाफ है इसके बाद भी यदि
ठेकेदार को रेतघाट सौंप दिया जाता है तो ये जनसुनवाई नहीं, माफिया की सुनवाई कहलाएगी।
लगाए दबंगई के आरोप
ग्रामीणों ने मंचस्थ अफसरों के समक्ष आरोप लगाया कि अभी रेत घाट का ठेका हुआ नहीऔर ठेकेदार के गुर्गे गांव में घूम-घूमकर और घर घुसकर सरपंच, उपसरपंच को और ग्रामीणों को गोली मारने की धमी दे रहे, जिससे गांव में घरों घर डर और गुस्से का माहौल है, इसके बाद भी यदि जनहित में निर्णय नही लिया तो वे लोग कलेक्टर कार्यालय के समक्ष धरना प्रर्दशन करेंगे ।
वही अतिरिक्त कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि करीब 40 लोगों ने कैमरे के सामने अपना पक्ष रखा 10 लोगों ने लिखित आवेदन दिया, और कुछ ने सामूहिक आवेदन भी सौंपा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के कथन को रिकॉर्ड किया गया है। राज्य शासन को रिपोर्ट भेजा जायेगा शासन इस पर निर्णय लेगा।
शिव कुमार बनर्जी,अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर
– अयोध्या देवांगन सरपंच ग्राम पंचायत लोफंदी
रामकुमार लहरे, लोफन्दी
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