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एनटीपीसी प्रबंधन पर फिर मुआवजे के नाम पर वायदा खिलाफी और कई गम्भीर आरोप, प्रभावित गावो के परिवारों ने प्रदर्शन कर किया चक्काजाम

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0 बोले अब नही सहेंगे, जब तक मांगे पूरी नही होती करेंगे आंदोलन
0 सड़क से सदन तक लड़ेंगे हक की लड़ाई, न मुआवजा न चिकित्सा का इंतजाम
0 बाहर से आये अफसर मजा मार रहे, हमारे हिस्से आ रही राखड़ की फांक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के ग्राम सीपत क्षेत्र के ग्रामीणो को एनटीपीसी के राखड़ और वायदा खिलाफी ने बर्बाद कर दिया। राखड़ और राखड़ बांध से रिसने वाले गंदे पानी से उनके खेत दलदल में तब्दील हो गए, राखड़ का उचित प्रबंधन न होने से ग्रामीण और उनके बच्चे राखड़ फांक बीमार पड़ रहे, ऊपर से वायदे के मुताबिक मुआवजा भी नही दिया जा रहा, जिसके चलते वे आज तक आंदोलन ही कर रहे है। राखड़ प्लांट पडबन्धन के खिलाफ इन तमाम मुद्दों को लेकर पीड़ित गावो के ग्रामीणों ने गुरुवार को फिर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ हड़ताल कर चक्काजाम कर दिया।


जिसके चलते मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

एनटीपीसी ठेका मजदूर यूनियन के बैनर तले धरना दे चक्काजाम प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने एनटीपीसी प्रबन्धन पर वायदा खिलाफी करते हुए कौड़िया, रलिया, रॉक समेत 8-10 गावो के राखड़ बांध से प्रभावित किसानों एनटीपीसी ने वायदे के मुताबिक मुआवजा देने बन्द कर दिया कि अब उनके खेत सूख गए है,

जबकि राखड़ के कारण उनके खेत अब खेती करने लॉयक नही रह गये, बांध से राखड़ उड़ रहा वे और उनके परिवार के लोग राखड़ फांक बीमार पड़ रहे पैसा है नही वे इलाज कैसे कराये क्या खाएं उनके समक्ष भूखों मरने की नौबत आ गई है, जिन मजदूरों को काम पर रखा गया है उन्हें पर्याप्त मजदूरी नही दी जा रही, विरोध करने पर नौकरी से निकाल भगा दिया जा रहा, दिन रात उनकी बस्ती के बीच से राखड़ से भरी गाड़िया दौड़ रही आये दिन हादसे हो रहे है, इन गाड़ियों के टक्कर और कुचलने से अब तक 8 लोगो की जान जा चुकी है

, 50 से अधिक लोग घायल हो चुके पर आज तक किसी को मुआवजा नही दिया गया। इसके कारण उन्हें फिर एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन करना पड़ रहा, इन आंदोलनकारियों का कहना है कि बहुत हो गया अब नही सहेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नही की जाती वे सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे…उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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