
बिलासपुर। चावल चोर सिंडिकेट की करतूतों को रोक पाने में जिले का खाद्य महकमा असहाय है, विभाग के पास इसके लिए कोई अमला, कोई सिस्टम ही नही है, ये विभाग मीडिया पर ही निर्भर है तभी तो मीडिया में खबरे आने के बाद विभाग के अफसरों को पता चलता है, इसके बाद भी कार्रवाई नही प्रतिवेदन का खेल चलता है।
हाल ही में सीपत में भाजपा नेता का भाई गाड़ी में चावल लोड करा परिवहन करते पकड़ा गया। बिलासपुर में भी राशन दुकान संचालक द्वारा एक सरकारी भवन से चावल की बरामदगी पुलिस ने की, मांडवाली का दौर चला।

इसके बाद भी सशक्तिकरण की चिंता

जिले में लगातार पकड़ी जा रही चोरी के चावल के अलावा, पीडीएस दुकान संचालको द्वारा बाजार से खरीदकर चावल के बदले कार्डधारियों को गेहूं, शक्कर दिए जा रहे, इसके अलावा मसाले के पैकेट खरीदने जबरिया दबाव डाला जा रहा इसकी भी कोई सुनवाई नही। सवाल यह उठता है कि राशन दुकान है कि किराना दुकान जब सरकार नही दे रही तो वे गेंहू, शक्कर, मसाले जबरिया बेच कैसे सकते है, खाद्य नियंत्रक इसे गलत नही मानते उनका कहना है कि आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मासाले और चिल्हर न होने पर बेच सकते है इसमें कोई गलत नही है।

Author Profile

Latest entries
UncategorizedFebruary 5, 2026लायन्स सर्विसेज ठेका फर्म फिर निशाने पर, हाईटेक बस स्टैंड में लाठीटेक सफाई, गन्दगी देख भड़के निगम कमिश्नर थमहाया नोटिस, होटल संचालक पर भी ठोंका जुर्माना
UncategorizedFebruary 4, 2026एसीबी के जाल में फिर फंसे नायब तहसीलदार और पटवारी, धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले में ऊपर रिपोर्ट न भेजने भयादोहन कर शाखा प्रबंधक से मांग रहे थे 35 हजार, दोनो गिरफ्तार
UncategorizedFebruary 4, 2026अगस्त में चोरी, सितंबर में एफआईआर, अक्टूबर में लावारिस मिला नगर पालिक निगम का काऊ कैचर… तो मामला खत्म…?
UncategorizedFebruary 4, 2026न सड़कें बढ़ी न स्टाफ, 13 माह में शहर में बढ़ गई 61 हजार गाड़ियां, कैसे होगा ट्रैफिक कंट्रोल, कैसे और कब तक मिलेगा जाम से निजात…?

