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लालबुझककड़ो के चक्कर में फंस गया सड़को का विकास…?, चलने को रोड नही ठोकवा रहे डिवाइडर

पुराने हाईकोर्ट रोड पर डिवाइडर निर्माण के लिए खोदी गई सड़क

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ी म एक कहावत है कि खाये खोए बर करछुल नही फेक मारे कटार, बस ऐसा ही हाल न्यायधानी का है, गांधी चौक- जूनाबिलासपुर के बदहाल सड़को पर गणपति और माँ जगतजननी का आगमन विसर्जन, दशहरा दिवाली, एकादशी सब हो गया मन गया, हलाकान मोहल्लेवासी और कारोबारी सड़क पर आंदोलन करने तक उतरे

जूना बिलासपुर व्यापारी संघ ने जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए किया चक्काजाम आंदोलन

पर बदहाल सड़क को गिट्टी डामर की परत आज तक नसीब नही हुई, और उधर गांधी चौक से शिव टॉकीज रोड पर चमाचम दीवार और झमाझम डिवाइडर सजाया जा रहा, कह रहे कि फंड का टोटा है इसलिए बैराज का काम अधूरा पड़ा है, सड़क के लिए पैसे है नही सिर्फ दावे किए जा रहे इधर ठेकेदार धडाधड डिवाइडर ठोकवा रहा, लोग पूछ रहे कि क्या अफसरों को ये तक पता नही की पहले सड़क जरूरी या डिवाइडर।

पुराने हाईकोर्ट रोड पर ऐसे लगवा रहे डिवाइडर

पहले बारिश का बहाना था, अब तो वो भी कट गया दावा था कि टेंडर और कार्यादेश सब ओके है बारिश बन्द होने के बाद 15 अक्टूबर से जर्जर और बदहाल सड़को के मरम्मत, नवीनीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा, सवाल यह उठ रहा कि जब फंड की कमी नही, बारिश हो नही रही तो शहर की सबसे खचाड़ा मुख्यमार्ग जूना बिलासपुर- गांधी चौक के रोड की मरम्मत में दिक्कत क्या आ रही है, क्या जिम्मेदार अफसर इन सड़कों से नही निकलते गुजरते और यदि निकलते है तो उन्हें ये सब क्यो नही दिखता ये भी बड़ा सवाल है।

क्या जिस न्यायधानी में जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए फंड नही है, वहां डिवाइडर बनाना क्या उचित है,।

गांधी चौक-जूना बिलासपुर की बदहाल गड्ढेदार सड़क

अपने को तो… से मतलब

जो तस्वीरें और जिम्मेदारों की जिस तरह की गम्भीरता सामने आ रही उससे तो ऐसा ही लग रहा, तभी तो उन्हें इसकी तक परवाह नही की लोग क्या कहेंगे…?

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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