
0 पीड़िता ने कहा है रेल प्रशासन के जिम्मेदार अफसर
0 पीएम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कटवा रहे चक्कर पे चक्कर

बिलासपुर ,,, रेल हादसे के बाद हाय तौबा मचाने वाले नेता और सेमपेथी जताने वाले रेलवे के अफसर अब मृतक और घायलों की सुध तक नहीं ले रहे है! पीड़ित परिवार का आरोप है कि न तो अस्पताल प्रबंधन उन्हें उनके घायल पिता के स्वास्थ की संतोषजनक जानकारी दे रहा न ही उन्हें हॉस्पिटल और प्रशासन द्वारा उनके मृत भाई का पीएम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। उनसे जिला हॉस्पिटल, रेलवे, नगर निगम और तहसील कार्यालय के चक्कर कटवाया जा रहा है।
ये आरोप है पिछले 4 नवंबर से व्यापार विहार के एलाइट हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती बिल्हा निवासी 65 वर्षीय तुलाराम अग्रवाल की बेटी मोना अग्रवाल का, जिन्होंने रेल हादसे में अपना भाई और घर का कमाऊ सदस्य खो दिया वही उनके पिता जीवन मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे है।
श्रीमती मोना अग्रवाल ने बताया कि उनके पिता तुलाराम और 35 वर्षीय भाई अंकित अग्रवाल का कोई बड़ा बिजनेस नही था वे लोग फटे पुराने नोट बदलने का काम करते थे, उनके सबसे बड़े भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ्य है,
उनके पिता और भाई गत 4 नवम्बर को इसी कारोबार के सिलसिले में नैला गए थे और उसी ट्रेन से लौट रहे थे जो लालखदान ओवरब्रिज के पास दुर्घटना ग्रस्त हुई थी, इस रेल हादसे में उनके घर के कमाऊ सदस्य भाई अंकित की मौके पर ही मौत हो गई वही उनके पिता तुलाराम को यहां गम्भीर चोट आने के कारण एलाइट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया तब से आज तक 20 दिन हो गए वे हॉस्पिटल के आईसीयू में बेसुध पड़े है, क्या इम्प्रुमेंट है ये पूछने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा कभी उनके सिर में तो कभी पैर में पानी भरने तो कभी रक्तस्राव न रुकने की जानकारी दी जा रही है कोई सुधार नही दिख रहा।
उनका कहना है कि रेल प्रशासन उनका इलाज करा रहा लेकिन जब कोई इम्प्रुमेंट नही दिख रहा तो पेशेंट को हायर सेंटर में भेजना चाहिए।
दूसरा दुख यह है कि घटना को 20 दिन हो गए न अभी तक उन्हें पीएम रिपोर्ट दिया जा रहा न मृत्यु प्रमाण पत्र। जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिला हॉस्पिटल वाले निगम, निगम वाले तहसील, तहसील वाले तोरवा थाना भेज रहे तो कोई रेलवे भेज रहे, वे अकेली है पिता की देखरेख करे कि की चक्कर काटे कोई सुनने वाला नही है।
सीजीडीएनए की टीम ने भी अस्पताल प्रबंधन से भी इस मामले में चर्चा कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया पर आधे घण्टे बाद भी कोई जवाबदेह अफसर सामने नही आये जो बड़ा सवाल है।

मोना अग्रवाल, रेल हादसे में घायल तुलाराम अग्रवाल की बेटी

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