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राजधानी रायपुर के नकटी गांव के 55 एकड़ शासकीय भूखंड की बस्ती को अवैध बता चलवा दिया बुलडोजर, अब यहाँ तनेगी विधायक कालोनी…

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रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव के 55 एकड़ शासकीय भूखंड पर विधायक कालोनी बसाने आखिरकार रोते- बिलखते गरीबो की बस्ती पर भकारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलवा दिया गया।
आरोप है कि जिन मकानों को अवैध बताकर तोड़ा गया, उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के 32 पक्के मकान भी शामिल हैं। अपना आशियाना टूटने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शासन- प्रशासन को जमकर कोसा।

बताया जा रहा कि पिछले वर्ष भी यहाँ प्रशासन ने कार्रवाई की थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण अमलें को लौटना पड़ा। साल भर बाद फिर सुगबुगाहट हुई तो ग्रामीणों ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के समक्ष अपना आशियाना बचाने गुहार लगाई।
उन्हें भरोसा दिलाया था कि बारिश के मौसम में किसी का मकान नहीं तोड़ा जाएगा। लोगों का कहना है कि इस आश्वासन के बावजूद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई कर उनके घर ढहा दिए।

मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी रविवार देर रात से ही शुरू कर दी थी। विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात कर गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया
सोमवार सुबह जैसे ही जेसीबी मशीनें गांव पहुंचीं, ग्रामीण उनके सामने खड़े हो गए और कार्रवाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई,
तनावपूर्ण माहौल के बावजूद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी व मशीनों से मकानों ढहवाना शुरू किया ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को बेघर नहीं किया जा रहा सभी प्रभावित लोगों को नया रायपुर के सेक्टर-30 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में शिफ्ट किया जा रहा है और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की गई है।

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