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ठाड़ लबारी मार रहे अफसर,,, कह रहे 15 अक्टूबर तक सभी रेत घाट बंद, इधर चर्चित रतखंडी गांव में रेत भरे ट्रैक्टर की चपेट में आए 13 साल के मासूम की मौत,,, जिम्मेदार कौन…

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0जिले के खनिज, पुलिस और आरटीओ महकमे की कर्यप्रणाली पर उठे सवाल

0 हादसे से भड़के ग्रामीणों ने मचाया बवाल,

बिलासपुर/ अफसर ठाढ़ लबारी मार रहे कि सारे रेत घाट बन्द है, और इधर कोटा क्षेत्र के ग्राम रतखंडी के चर्चित अवैध रेत घाट से निकले तेजरफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से 13 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। प्रतिबंध के दावे के बीच रेत भरे ट्रैक्टर से हुए इस हादसे ने जिले के खनिज, पुलिस और आरटीओ महकमे के कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी।
जिस रतखंडी गांव से पिछले दिनों जिले खनिज महकमे ने रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्रवाई और पूरा बन्द कराने का दावा किया था, उसी चर्चित रतखंडी गांव में शनिवार को तेज रफ्तार रेत से भरे ट्रैक्टर की चपेट में आने से बच्चों के साथ घर के सामने खेल रहे 13 वर्षीय अभय पटेल पिता जयलाल पटेल ग़म्भीर रूप से घायल हो गया।आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे इलाज के लिए कोटा अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अभय की मौत से भड़के ग्रामीणों ने चालक को दौड़ाया और नदी घाट तक गए आक्रोश की खबर मिलते ही नदी में ट्रैक्टर लेकर उतरे चालक भाग निकले, सूचना पर पहुंची पुलिस से भड़के ग्रामीणों ने रेत परिवहन में लगे ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणो को शांत करा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया,ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रैक्टर मालिक और पुलिस वाले सेटिंग कर दूसरे चालक द्वारा एक्सीडेंट बता वास्तविक आरोपी और मालिक को बचाने खेला कर रहे है।
ग्रामीणों का कहना है कि रतखंडी घाट से अवैध रेत परिवहन के कारण क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे है। रसूखदार रेत माफिया पुलिस, खनिज और आरटीओ से सेटिंग कर बच्चों से ट्रैक्टर से रेत का अवैध परिवहन करा रहे है,
तीन दिन पहले भी रेत भरे ट्रैक्टर की चपेट में आने से तीन बच्चे घायल हुए थे, जिनका इलाज सिम्स में कराया गया । लोगों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन जारी है। भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में है। ग्रामीणों ने पुलिस और खनिज विभाग से अवैध रेत परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इतना सख्त है सरकार का नियम… ये हैं दावे

0 छत्तीसगढ़ (CG) में रेत की अवैध चोरी और खनन को रोकने के लिए सरकार ने नियमों को बहुत सख्त करने दावा करते हुए अवैध परिवहन करते पकड़े जाने पर कम से कम 25,000 रुपये जुर्माना और वाहनों को छुड़ाने के लिए 50,000 से 3 लाख रुपये तक सिक्योरिटी जमा कराने।

0 भंडारण करते पाए जाने पर प्रति टन 2,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना और खनिज की पूरी कीमत भी वसूलने

0 जब्ती और जमानत- पकड़े गए वाहनों, मशीनों को छुड़वाने के लिए वाहन की श्रेणी के अनुसार 50,000 से 3 लाख रुपये तक के भारी जमानत राशि का प्रावधान किया।

0कलेक्टरों पर जिम्मेदारी: राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर खनिज विभाग की सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड को किसी जिले में अवैध खनन पकड़ने जाना पड़ा, तो इसे संबंधित जिले के कलेक्टर और खनिज अधिकारियों की लापरवाही माना जाएगा।

0सख्त निर्देशः राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध रेत खनन वाले जोन की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

कहा है ड्रोन और उड़नदस्ता

अवैध उत्खनन का पता लगाने के लिए राज्यभर के रेत घाटों पर ड्रोन से निगरानी करने, सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड: जिलों के अलावा केंद्रीय उड़नदस्ता का दावा किया गया था

NGT को ठेंगा-

    नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों के अनुसार हर साल 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से रेत निकासी पर प्रतिबंध रहता है। सभी जिलों को स्प्ष्ट निर्देश है पर रेत चोर तो रेत चोर खनिज, आरटीओ, सम्बंधित थानों की पुलिस और ट्रैफिक पुलिस सब रेत सिंडिकेट के आगे नतमस्तक है और एनजीटी के आदेश को अंगूठा दिखा रहे है।

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