
0 निचली अदालत के आरोपियो को बरी करने के फैसले को ठहराया सही

0 अप्रैल 2010 में हुई इस शहादत पर देश भर में हुए थे प्रदर्शन
*बिलासपुर / छत्तीसगढ़वासियों के लिए दुर्भाग्यजनक खबर ये है कि 16 साल पूर्व सुकमा (तत्कालीन दंतेवाड़ा) के ताड़मेटला में हुए नक्सली हमले में 76 सीआरपीएफ जवानों की शहादत के मामले में हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों की रिहाई बरकरार रखने आदेश दिया है।
गत अप्रैल 2010 में छत्तीसगढ़ के सुकमा – दंतेवाड़ा के ताड़मेटला में हुए नक्सली हमले में 76 सीआरपीएफ जवानों की शहादत के हुई थी।
मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों की रिहाई बरकरार रखने आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने जांच में खामियों के चलते निचली अदालत के आरोपियो को बरी करने के फैसले को सही ठहराया है।
सवाल पुलिस की विवेचना और साक्ष्य जुटाने में की गई खामियों का है, जिसके कारण उन 76 परिवारों को झटका लगा है, जो अदालत के फैसले की बाट जोह रहे थे।
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