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रामा रामा… पूछ रहे बिलासपुरियन्स  ये कैसा ड्रामा, कही सवा… तो कही साल भर से उधड़ी पड़ी सड़कें, रहवासी और राहगीर धूल गर्द फांकने विवश कब मिलेगी आफत से राहत…

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0 मुस्कुराइये और खोखिये आप चिंगराज- लिंगियाडीह, राजकिशोर नगर, तोरवा, धूलपुर रिंगरोड पर है


0 नगर निगम प्रशासन ने तोड़ डाले सारे रिकॉर्ड साल भर में नही बना सके सडक

बिलासपुर / लगता है सरकारी अफसरो ने चंद्रमा को सड़क पर उतार दिया, शहर की सड़कों पर चंद्रमा की सतह जैसे गड्ढो और धुर्रा ने शहरवासियों का जीना मुहक़ल कर दिया है। कही 9 माह से तो कही साल भर से सड़क निर्माण के नाम पर नागरिकों को त्रास दिया जा रहा। पब्लिक पूछ रही क्या यही विकास है…?
इधर विकास के नाम पर अभी तक इस सड़क के लिए इतना स्वीकृत उस सडक के लिए इतना स्वीकृत की खबरे चलवाई जा रही, तो कभी ठेकेदार जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप युद्ध के कारण पेट्रोल- डीजल और डामर का दाम बढ़ने का हवाला दे रेट बढाने की मांग कर रहे।
पब्लिक सिर खुजा खुजा हलाकान है कि हो का रहा सड़क पर कब काम होगा कब धूल गर्द से राहत मिलेगी।

आप खुद देखिये ये तस्वीरें राजकिशोर नगर शनिमंदिर- स्मृति वन के बीच 9 मलह से बनवाई जा रही सड़क की है। ठेकेदार ने गत जनवरी माह में सड़क पर गिट्टी और डस्ट डालकर छोड़ दिया 9 माह बीत गए बारिश गुजर गई पर सड़क पर दुबारा काम एआज तक शुरू नही हुआ जिससे यहां के रहवासी राहगीर सब हलाकान है और धूल गर्द फांकने विवश है।

राजकिशोर नगर

पूछ रहे लोग

राजकिशोर नगर के रहवासियों का कहना है कि अफसर और जनप्रतिनिधि पब्लिक को राहत देने सड़क बनवा रहे या दमा स्वांस के बीमारी का टेंडर खोल रहे। क्या कोई नियम कायदा नही है, क्या निर्माण कार्य की समय सीमा तय नही है और यदि है तो तय समयसीमा पर काम क्यो नही कराया जा रहा। क्यो ठेकेदारों पर दबाव नही है।

1 साल 4 माह में नही बनी सड़क

चिंगराजपारा, शराब भट्टी के सामने

गत मई 2025 में मेयर के हड़काने के बाद निगम का अमला ज्वाली नाला रोड पर तोड़फोड़ बन्द कर अपोलो रोड पर कार्रवाई करने पहुँचा था। इस तरह से ज़्डक किनारे की झुग्गियों को ढहाया गया कि रातों रात सड़क नाली बना दी जाएगी पर 1 साल 4 माह हो गए सड़क से धूल के गुबार उड़ रहे, गड्ढेदार सड़क पर लोग आवागमन करने और यहां के रहवासी धूल फांकने विवश है।

क्या अपोलो से मितानी

नगर निगम प्रशासन ने तोड़फोड़ के बाद लिंगियाडीह चौक से आपोलो तक कि सड़क को तो चकाचक करा दिया लेकिन अपोलो के बाउंड्रीवाल से लेकर चिंगराजपारा – चाँटीडीह रपटा तक कि सड़क आज तक खद्दड़ और उबड़ खाबड़ पड़ी है। सवाल यह उठ रहा कि क्या अपोलो के लिए डामर सस्ती हो गई ।

तोरवा सड़क भी धूलधुसित घर वाले नही रहे पहचान

चाँटीडीह रपटा से लेकर चिंगराजपारा लिंगियाडीह राजकिशोर नगर स्मृति वन रोड से लेकर तोरवा पुल से होते हुए तोरवा गुरुनानक चौक तक अपोलो के सामने की सडक को छोड़कर सब तरफ धूलम- धूल मचा है, छठघाट- तोरवा पुल सड़क को भी करीब साल भर से धूल गर्द उड़ाने छोड़ दिया गया है।

चलेगा ड्रामा या बनेगी सड़कें

सरकार और सरकार के मंत्री- विधायक विकास के लिए फंड की कमी नही और गुणवत्ता से समझौता नही का रट्टा लगा रहे, इस सड़क के लिए इतना उस सडक के लिए इतना करोड़ स्वीकृत कराने का दावा कर रहे, दूसरी तरफ ठेकेदार युद्ध के कारण डामर और ईंधन महंगा होने का हवाला दे रेट बढाने ज्ञापन- ज्ञापन खेल रहे। अब सवाल यह उठ रहा कि बारिश थम गई है अब सड़कें बनाई जाएगी या फिर ड्रामा बदस्तूर जारी रहेगा…?

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