

बिलासपुर,,, लिपिक संवर्ग से जुड़े कर्मचारियों को हाईकोर्ट के एक फैसले से बड़ी राहत मिलने का दावा किया गया है! WPS No. 9471/2023, श्रवण कुमार सिंह बनाम छत्तीसगढ़ शासन मामले में हाईकोर्ट, बिलासपुर द्वारा पारित आदेश को लेकर लिपिक संघ ने इसे कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण फैसला बताया है! संघ के मुताबिक, 2013 के बाद नियुक्त लिपिकों से कंप्यूटर योग्यता के नाम पर की जा रही वेतन वसूली के मामले में यह आदेश महत्वपूर्ण आधार बनेगा…
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी के अनुसार, नवंबर 2024 में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया था… कि अनुकंपा नियुक्ति में सहायक ग्रेड-3 के पद के लिए हिंदी मुद्रलेखन और कंप्यूटर डिप्लोमा की शर्त को विकल्प के रूप में समझा जाना चाहिए। संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग के 17 फरवरी 2004 के परिपत्र और वर्ष 2013 के प्रावधान 10(5) का हवाला देते हुए नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान दिए जाने की मांग की थी।
संघ का दावा है कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश के पैरा 6 और 7 में नियुक्ति आदेश में प्रयुक्त “/” के अर्थ को “या” माना है, न कि “एवं”। न्यायालय के अनुसार, याचिकाकर्ता के पास नियुक्ति से पहले ही कंप्यूटर डिप्लोमा था, इसलिए उसे नियमित वेतनमान दिया जाना वैध था।


फैसले के तहत 13 मई 2019 के वसूली आदेश को निरस्त करने, 8 सितंबर 2017 से नियमित वेतनमान बहाल करने तथा तीन माह के भीतर ग्रेड-2 में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। संघ ने बिना नोटिस की गई वसूली को भी आदेश में अवैधानिक ठहराए जाने का दावा किया है।

प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने कहा कि यह आदेश प्रदेश के उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा, जिनसे इसी प्रकार की वसूली की गई है। संघ अब आदेश को संबंधित विभागाध्यक्षों तक पहुंचाकर इसके व्यापक लाभ की मांग करेगा।



