

बिलासपुर । एन्टी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जीआरपी बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट अदालत में अभियोग पत्र पेश किया। जांच में आरक्षक की आय की तुलना में करीब 16.20 लाख रुपये अधिक खर्च पाये जाने का उल्लेख है। एसीबी के मुताबिक खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की सूचना के आधार पर संतोष कुमार राठौर के खिलाफ

अपराध क्रमांक 57/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) बी और 13(2) में मामला दर्ज किया गया था। 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित उसके निवास समेत अन्य ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की गई।
विवेचना के दौरान आरोपी की आय और व्यय से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। जांच में आरोपी की कुल आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपये, जबकि व्यय 62 लाख 28 हजार 137 रुपये पाया गया। इस तरह आय की तुलना में 16 लाख 19 हजार 796 रुपये अधिक व्यय होना सामने आया। एसीबी ने संग्रहित साक्ष्यों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
आरोपी सिपाही चर्चित गांजा तस्करी के मामले में जेल में…
संतोष कुमार के खिलाफ जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान गांजा तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। आरोप है कि संतोष और उसके सहकर्मी आरक्षकों पर ट्रेन में गांजा तस्करों को पकड़ उन्हें पैसा लेकर छोड़ने और रकम को आपस मे बांटने के बाद पकड़े गए गांजे की खेप को दूसरे से बिकवाते थे। इसी मामले में जीआरपी बिलासपुर
ने अपराध क्रमांक 117/2024 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी), 29 का मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण को विवेचना के लिए एसीसीयू बिलासपुर को सौंपा गया। विवेचना के बाद एसीसीयू ने आरोपी के खिलाफ चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट बिलासपुर की अदालत में पेश किया था। मामले में आरोपी आरक्षक संतोष कुमार राठौर बिलासपुर सेंट्रल जेल में निरुद्ध है।
छत्तीसगढ़ पुलिस अधीक्षक रेल ने गत 19 नवंबर 2024 को आपराधिक आचरण के आरोप में आरोपी संतोष राठौर को सेवा से पृथक कर दिया था।



