0 एक तो होती नही पर सही ढंग से जांच हुई तो पकड़े जाएंगे कईं सफेदपोश
0 पूर्व गृहमंत्री ने लाखों करोड़ों के खेल का आरोप लगा दाखिल की थी याचिका


रायपुर/ बिलासपुर—कांग्रेस शासनकाल में हुए चर्चित सीजीपीएससी घोटाला कांड में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चैयरमैन टामन सोनवानी और 1 उधोगपति की गिरफ्तारी से हड़कम्प मच गया है। इस गड़बड़झाले से जुड़े नेता और अफसरों की छटपटाहट बढ़ गई है पूर्व अध्यक्ष पर पद पर रहने के दौरान रसूखदार नेताओं के आढ़ में अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को बड़े पदों पर गलत तरीके से भर्ती करने और करोड़ों रूपयों का खेल खेलने का आरोप है।

पीएससी के पूर्व चैयरमैन श्री सोनवानी और उद्योगपति एसके गोयल पर लोक सेवा आयोग के 2021 के भर्ती घोटाले का आरोप है। आरोप है कि सोनवानी ने रसूख के दम पर नियमों की अनदेखी कर अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों का बड़े बड़े पदों पर चयन किया है। आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर के 18 पद उन्होंने अपने रिश्तदारों के बीच बांट दिए। पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी ने इससे जुड़े अफसरों और नेताओं की नींद उड़ा दी है कि उनका क्या होगा वे अपने आकाओं के जरिये तोड़ निकालने की जुगत भिडा रहे है।

भाई के बेटे को एसपी और बहू बेटी को भी बनाया अफसर
पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और परीक्षा नियंत्रक पर अपने बेटे, बेटियों, रिश्तेदारों को मेरिट सूची में उच्च अंक दिलाने में मदद का आरोप दर्ज है।इनमें टामन सोनवानी के बेटे नितेश और बहू निशा कोसले है। इसके अलावा बड़े भाई के बेटे साहिल को एसपी बनाने वही बहू दीपा आदिल को जिला आबकारी अधिकारी और बेटी सुनीता जोशी को श्रम अधिकारी के पद पर चयनित करने का आरोप है। इनमे एक ऐसे अफसर के बेटे का नाम भी शामिल है। जो इंटरव्यू के दौरान पीएससी का फुलफार्म पूछने पर नही बता पाए।
पूर्व मंत्री कंवर की याचिका
वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने हाईकोर्ट में पीएससी 2021 भर्ती को लेकर दायर याचिका में चेयरमेन श्री सोनवानी पर बजरंग पावर के डाय़रेक्टर एसके गोयल से उनके बेटे और बहू को पीएससी में चयन करने के लिए 45 लाख रुपये रिश्वत लेने आरोप लगाया था। इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को 2021 पीएससी परीक्षा मामले में जांच का आदेश दिया था।
सीबीआई की रेड कार्रवाई मे प्रमाण का दावा
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने डिप्टी कलेक्टर से लेकर अन्य पदों के लिए चयनित लोकसेवा आयोग परीक्षा 2021 के प्रतियोगियों से पूछताछ की। छानबीन के दौरान सीबीआई ने सोनवानी पर गलत तरीके से पदों के बंदरबांट के आरोप में सच्चाई पाई इसके बाद जुलाई महीने में सोनवानी के ठिकानों समेत राज्य में 15 जगहों पर छापा मारा। इसके अलावा बिलासपुर,धमतरी में रेड कार्रवाई की।
मारा मेधावियों का हक-
पीएससी में हुए घोटाले को लेकर खूब हंगामा मचा। जमकर राजनीतिक रोटियां सेकी गई पर सवाल यह उठ रहा कि उन होनहारों का क्या मिला जिनका हक इन अफसरों और नेताओं के बेटे बेटियों भाई भतीजो और साले- सालियो के कारण मारा गया।



