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राजधानी रायपुर में डबल इंजन की सरकार हुई डीरेल, बर्खास्तगी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही शिक्षिकाओं को आधीरात पुरुष पुलिस कर्मियों ने घसीट-घसीटकर पीटा

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00 पुरुष पुलिस कर्मियों पर लगाये गंभीर आरोप
005 शिक्षिकाएं घायल, 3 की हालत गम्भीर

गम्भीर घायल बर्खास्त शिक्षिका को अस्पताल ले जाते

रायपुर। राजधानी रायपुर में डबल इंजन सरकार का डबल स्ट्रोक सामने आया है, पहले तो नौकरी से बर्खास्त किया और फिर प्रोटेस्ट कर रही महिलाओं को पुलिस से अधमरा होते तक पिटवाया। वो भी पुरुष पुलिस कर्मियों बर्खास्त शिक्षाकर्मियों के आंदोलन के दौरान पुलिस की बर्बरता का शिकार हुईं पांच महिला शिक्षिकाओं को डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना राजधानी के सिविल लाइंन क्षेत्र की है, जहां शिक्षाकर्मी अपनी बर्खास्तगी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।

बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला शिक्षकों के साथ बदसलूकी की। इस दौरान कई महिलाओं को गंभीर चोटें आईं। घायल शिक्षिका लक्ष्मी जुर्री ने बताया, “चार पुरुष पुलिसकर्मी जबरन उन्हें उठाने लगे और उनके ऊपर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। वही मेनका उसेंडी ने पुलिस पर पेट में लात मारने और बेरहमीपूर्वक घसीटने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था कि अब जिंदा नही बचूंगी। वहीं, सीमा तिग्गा न।के शिक्षिका को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत गम्भीर बताई जा रही है।
प्रदेश के हजारों शिक्षाकर्मी अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ लगातार अपने परिवार के पेट का हवाला दस प्रदेश भर में प्रदर्शन कर रहे। उनका कहना है कि उन्हें शिक्षा व्यवस्था में सुधार के नाम पर बर्खास्त किया गया है,

घायलों को ले जाने देर रात सड़क पर दौड़े एम्बुलेंस

रविवार को इन शिक्षाकर्मियों ने रातभर धरना प्रदर्शन किया। प्रशासन प्रदर्शन समाप्त करने दबाव बनाता रहा जिसके परिणामस्वरूप यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और वे केवल अपना हक मांग रहे है।

बर्बरतापूर्ण पिटाई के बाद पुलिस वैन में रोती बिलखती शिक्षिकाएं

इस घटना ने बेटी बचाओ बेटी पढाव


और महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब अपराधी महिला को पकड़ने महिला पुलिस कर्मी लगाया जाता है तो क्या पढ़ी लिखी शिक्षिकाओं पर जो अपने अधिकार के लिए दिन रात प्रदर्शन कर रहे उन पर पुरुष पुलिस कर्मियों से इस तरह का बर्बरतापूर्ण कार्रवाई क्या सही है। क्या ये संविधान का उल्लंघन नही है।


घटना के बाद सफाई का दौर

0इस घटना पर पुलिस ने की ओर से जारी बयान में कहा जा रहा कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार हटने का आग्रह किया गया स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। तो क्या ऐसा बल प्रयोग।
0 वहीं, सरकार ने मामले की जांच के आदेश देते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात कही है।

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